घाटशिला उपचुनाव: बाबूलाल मरांडी का तीखा प्रहार, 'झारखंड को दलालों-भ्रष्टाचारियों से बचाने का चुनाव', आदिवासी-मूलवासी पीड़ित, घुसपैठ पर चिंता

घाटशिला उपचुनाव: बाबूलाल मरांडी का तीखा प्रहार, ‘झारखंड को दलालों-भ्रष्टाचारियों से बचाने का चुनाव’, आदिवासी-मूलवासी पीड़ित, घुसपैठ पर चिंता

घाटशिला उपचुनाव: बाबूलाल मरांडी का तीखा प्रहार, 'झारखंड को दलालों-भ्रष्टाचारियों से बचाने का चुनाव', आदिवासी-मूलवासी पीड़ित, घुसपैठ पर चिंता

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

घाटशिला : झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को राज्य को ‘दलालों, बिचौलियों और भ्रष्टाचारियों’ से मुक्त कराने का चुनाव करार दिया। गुड़ाबांदा मैदान में आयोजित बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर निशाना साधा। मरांडी ने कहा कि यह उपचुनाव झारखंड को बचाने का चुनाव है, जहां एनडीए प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करनी है।

घाटशिला उपचुनाव: बाबूलाल मरांडी का तीखा प्रहार, 'झारखंड को दलालों-भ्रष्टाचारियों से बचाने का चुनाव', आदिवासी-मूलवासी पीड़ित, घुसपैठ पर चिंता

सम्मेलन में जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी, पूर्व विधायक खिजरी राम कुमार पाहन सहित भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। मरांडी ने कार्यकर्ताओं से जीत का संकल्प पूरा करने का आह्वान किया और कहा कि घाटशिला की जनता इस चुनाव में राज्य को माफियाओं से मुक्त करने का संदेश देगी।

घाटशिला उपचुनाव: बाबूलाल मरांडी का तीखा प्रहार, 'झारखंड को दलालों-भ्रष्टाचारियों से बचाने का चुनाव', आदिवासी-मूलवासी पीड़ित, घुसपैठ पर चिंता

‘अबुआ सरकार आदिवासी-मूलवासियों के लिए काम नहीं कर रही’

मरांडी ने हेमंत सरकार को ‘अबुआ’ (हम सबका) बताने वाली जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “कहने को तो यह अबुआ सरकार है, लेकिन आज आदिवासी और मूलवासी सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। राज्य में बिचौलिए, दलाल और माफिया हावी हो चुके हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है। विकास के सारे काम ठप्प पड़े हैं। जनता को घर बनाने के लिए बालू तक नहीं मिल रहा।”

घाटशिला उपचुनाव: बाबूलाल मरांडी का तीखा प्रहार, 'झारखंड को दलालों-भ्रष्टाचारियों से बचाने का चुनाव', आदिवासी-मूलवासी पीड़ित, घुसपैठ पर चिंता

उन्होंने झारखंड गठन के बाद अपनी सरकार के दौर का जिक्र करते हुए बताया कि तब बालू को फ्री किया गया था, ताकि गरीबों को राहत मिले। लेकिन 2013 में हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री बनने के बाद बालू घाटों को दिल्ली, मुंबई और बिहार के दलालों-बिचौलियों को सौंप दिया गया। “आज कोई गरीब नदी से बालू उठाने की कोशिश करे तो पुलिस उसे पकड़ लेती है। यह लूट का अंत होना चाहिए।”

घाटशिला उपचुनाव: बाबूलाल मरांडी का तीखा प्रहार, 'झारखंड को दलालों-भ्रष्टाचारियों से बचाने का चुनाव', आदिवासी-मूलवासी पीड़ित, घुसपैठ पर चिंता

डेमोग्राफी पर चिंता: ‘बांग्लादेशी-रोहिंग्या घुसपैठ से आदिवासी-सनातनी घट रहे, मुस्लिम आबादी बढ़ रही’

मरांडी ने राज्य की जनसांख्यिकी में हो रहे बदलाव पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संसाधनों की लूट के साथ-साथ झारखंड की डेमोग्राफी भी बदल रही है। वर्तमान जनगणना आंकड़े कांग्रेस शासनकाल के हैं, जिनमें साफ दिखता है कि 1951 में आदिवासियों की आबादी 36% थी, जो घटकर 26% रह गई। सनातनी हिंदू 88% से घटकर 81% हो गए, जबकि मुस्लिम आबादी 8.9% से बढ़कर 14.3% हो गई।

घाटशिला उपचुनाव: बाबूलाल मरांडी का तीखा प्रहार, 'झारखंड को दलालों-भ्रष्टाचारियों से बचाने का चुनाव', आदिवासी-मूलवासी पीड़ित, घुसपैठ पर चिंता

उन्होंने कहा यह सामान्य वृद्धि नहीं है, बल्कि बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या घुसपैठ के कारण है, जिसे यह सरकार संरक्षण दे रही है। भाजपा राज्य की माटी, रोटी और बेटी को बचाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने चाकुलिया के गांवों का उदाहरण दिया, जहां पहले मुस्लिम आबादी शून्य थी, लेकिन अब वहां आधार कार्ड बनवाए जा रहे हैं। “यह सब एक सुनियोजित षड्यंत्र का परिणाम है।

घाटशिला उपचुनाव: बाबूलाल मरांडी का तीखा प्रहार, 'झारखंड को दलालों-भ्रष्टाचारियों से बचाने का चुनाव', आदिवासी-मूलवासी पीड़ित, घुसपैठ पर चिंता

घाटशिला उपचुनाव की तैयारी: एनडीए एकजुट, 11 नवंबर को वोटिंग

भारत निर्वाचन आयोग ने घाटशिला (एसटी) विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की है, जो 11 नवंबर को होगा। पूर्वी सिंहभूम जिले में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। हाल ही में जारी अंतिम मतदाता सूची में 2,55,823 मतदाता हैं, जिसमें 5,171 नए मतदाता जुड़े हैं। मंगलवार को रांची में भाजपा प्रदेश कार्यालय में मरांडी की अध्यक्षता में एनडीए (भाजपा, आजसू, जदयू, लोजपा) की बैठक हुई, जहां उपचुनाव रणनीति पर चर्चा की गई। आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो ने कहा कि एनडीए मजबूती से लड़ेगा और जनता भ्रष्ट सरकार को जवाब देगी।

मरांडी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे दृढ़ संकल्प के साथ चुनाव लड़ें। घाटशिला सीट आदिवासी आरक्षित होने से यह चुनाव स्थानीय जनजातीय मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। विपक्षी दलों ने मरांडी के बयानों पर पलटवार किया है, लेकिन एनडीए का दावा है कि जनता लूट-भ्रष्टाचार से त्रस्त है।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now