रियो डी जेनेरो: पुलिस की मेगा कार्रवाई में 64 की मौत, ब्राजील का अब तक का सबसे खूनी एनकाउंटर
ब्राजील के रियो डी जेनेरो शहर में मंगलवार का दिन किसी युद्धक्षेत्र से कम न था। तड़के शुरू हुई एक भयंकर पुलिस कार्रवाई ने शहर के उत्तरी इलाके को रणभूमि में तब्दील कर दिया। यह ऑपरेशन देश के सबसे पुराने और ताकतवर अपराधी गिरोह ‘कमांडो वर्मेलो’ (रेड कमांड) के खिलाफ था, जिसमें अब तक 64 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें चार पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन ने इसे ब्राजील इतिहास का सबसे घातक पुलिस एनकाउंटर करार दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सुबह के करीब 5 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में करीब 2,500 पुलिसकर्मी और सैनिकों ने हिस्सा लिया। हेलीकॉप्टरों और बख्तरबंद वाहनों के सहारे कॉम्प्लेक्सो डो एलिमाओ (Complexo do Alemão) और पेनहा (Penha) जैसे बड़े फेवेला इलाकों पर हमला बोला गया। अपराधियों ने ड्रोन से हमला करने की कोशिश की, जिससे गोलीबारी और धमाकों की घटनाएं हुईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आग की लपटें और धुंए के गुबार दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, 81 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। शुरुआती रिपोर्ट्स में 20-30 मौतों की बात कही गई थी, लेकिन शाम तक यह संख्या 64 तक पहुंच गई। मरने वालों में दो सिविलियन पुलिस अधिकारी मार्कस विनीसियस कार्डोसो डे कार्वाल्हो (51 वर्ष) और रोड्रिगो वेलोसो कैब्राल (34 वर्ष) तथा दो बीओपीई (BOPE) के सैनिक क्लेटन सिराफिम गोंसल्वेस और हर्बर्ट डे अल्मेडा शामिल हैं। तीन नागरिकों को गोली लगी है, लेकिन अब तक कोई निर्दोष की मौत की पुष्टि नहीं हुई।
रेड कमांड ब्राजील का सबसे पुराना ड्रग माफिया गिरोह है, जो 1970 के दशक में जेलों से जन्मा। यह गिरोह फेवेलाओं पर कब्जा जमा नशीले पदार्थों की तस्करी, हत्या और विलासिता का कारोबार करता है। मंगलवार शाम को गिरोह ने सोशल मीडिया पर ‘साल्वे’ (संदेश) जारी कर सदस्यों को ‘सब कुछ लूटने’ का आदेश दिया और आम लोगों को घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी थी।

















