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झारखंड में राज्य स्तरीय पुरुष नसबंदी पखवाड़ा का शुभारंभ, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने दिखाई हरी झंडी

रांची : स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आज नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय पुरुष नसबंदी अभियान सह सम्मान समारोह में पुरुष नसबंदी जागरूकता रथ एवं डाक विभाग के वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पखवाड़ा 13 नवंबर से 20 दिसंबर 2025 तक चलेगा।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अंसारी ने कहा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का साधन नहीं, बल्कि स्वस्थ परिवार, सुरक्षित मातृत्व और खुशहाल समाज की आधारशिला है। उन्होंने जोर दिया कि अब तक परिवार नियोजन की जिम्मेदारी मुख्य रूप से महिलाओं पर रही है, लेकिन अब पुरुषों को आगे आकर समान जिम्मेदारी निभानी होगी। पुरुष नसबंदी एक पूरी तरह सुरक्षित, सरल और स्थायी उपाय है तथा इसके प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना हम सबका दायित्व है।

मंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 37 स्वास्थ्य संस्थानों, 19 मास्टर ट्रेनर्स, 10 सहिया, 10 सर्जन सहित कुल 120 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों एवं संस्थानों को सम्मानित किया। साथ ही रांची सदर अस्पताल को राज्य का पहला NABL मान्यता प्राप्त अस्पताल होने पर बधाई दी।

कार्यक्रम में भारतीय डाक विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के बीच परिवार नियोजन सामग्री (कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियां आदि) के समयबद्ध वितरण हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुआ। अब इंडिया पोस्ट पार्सल नेटवर्क के माध्यम से दूर-दराज के स्वास्थ्य केंद्रों तक सामग्री आसानी से पहुंचेगी।

इस मौके पर इंजेक्टेबल गर्भनिरोधक MPA-SC (सब-क्यूटेनियस) एवं इम्प्लांट का राज्य में औपचारिक शुभारंभ किया गया और सहिया दीदियों के लिए तैयार विशेष वीडियो फिल्म का विमोचन किया गया।

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से झारखंड पुरुष सहभागिता आधारित परिवार नियोजन में देश का आदर्श राज्य बनेगा। एनएचएम अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा एवं राज्य नोडल अधिकारी डॉ. पुष्पा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

कार्यक्रम में पूर्व राज्यसभा सांसद श्री प्रदीप बलमुचू, निदेशक डाक सेवा श्री बी.आर. चौधरी, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं श्री सिद्धार्थ सान्याल सहित सभी जिलों के सिविल सर्जन एवं सैकड़ों स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री ने अंत में घोषणा की कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए शीघ्र ही 8,500 हेल्थ टेक्निकल एवं नॉन-टेक्निकल पदों पर भर्ती की जाएगी।

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