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पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता का महिला पत्रकार को आँख मारने का वीडियो वायरल, भारी आलोचना

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता का महिला पत्रकार को आँख मारने का वीडियो वायरल, भारी आलोचना

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डेस्क : पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता और डीजी आईएसपीआर लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक महिला पत्रकार को मुस्कुराते हुए आँख मारते नजर आ रहे हैं। इस घटना को देश-विदेश में गैर-पेशेवर, शर्मनाक और महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया जा रहा है।यह घटना उस प्रेस कॉन्फ्रेंस की है जो जनरल आसिम मुनीर के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (सीडीएफ) बनने के बाद आयोजित की गई थी। इस दौरान बोलते हुए डीजी आईएसपीआर ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर तीखा हमला बोला और उन्हें “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा”, “राज्य-विरोधी” और “दिल्ली की कठपुतली” तक कह डाला।जब महिला पत्रकार अब्सा कोमल (Absa Komal) ने पूछा,
“ये आरोप पुराने आरोपों से कैसे अलग हैं और क्या कोई नया एक्शन आने वाला है?” तो लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने हँसते हुए जवाब दिया,
“चौथा पॉइंट भी जोड़ दें — वो ज़हनी मरीज़ भी हैं।” इसके तुरंत बाद उन्होंने कैमरे के सामने पत्रकार की ओर देखकर मुस्कुराते हुए आँख मारी। यह 12 सेकंड का यह क्लिप कुछ ही घंटों में लाखों बार देखा जा चुका है।

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ“

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता का यह व्यवहार नया निचला स्तर है।”
“यूनिफॉर्म में कोई कैसे इतना असम्मानजनक हो सकता है?”
“अगर रोल रिवर्स होता तो इसे यौन उत्पीड़न कहा जाता।”
“यह पाकिस्तान की संस्थाओं की असलियत दिखाता है।”

कई यूजर्स ने इसे “सेक्शुअल हैरासमेंट” की श्रेणी में रखा है। पीटीआई समर्थकों ने इसे सेना की “तानाशाही मानसिकता” का सबूत बताया, वहीं आम नागरिकों ने भी इसे “शर्मनाक” करार दिया है।

अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं

आईएसपीआर या पाकिस्तानी सेना की ओर से इस वीडियो पर अभी तक कोई सफाई या माफी नहीं आई है। लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी को जनरल आसिम मुनीर ने ही 2022 में डीजी आईएसपीआर नियुक्त किया था और वे सेना के आक्रामक मीडिया चेहरे के रूप में जाने जाते हैं।यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तानी सेना पहले से ही राजनीतिक हस्तक्षेप, इमरान खान की गिरफ्तारी और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से घिरी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का आचरण सेना की छवि और विश्वसनीयता को और गहरा आघात पहुँच सकता है।वीडियो अब भी एक्स, यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर किया जा रहा है और इसकी चर्चा अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी शुरू हो गई है।

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