धनबाद केंदुआडीह गैस कांड: दो और महिलाओं की हालत फिर बिगड़ी, एक सीरियस! सीएम के आदेश पर हाईलेवल जांच टीम निरिक्षण को पहुंची.....

धनबाद केंदुआडीह गैस कांड: दो और महिलाओं की हालत फिर बिगड़ी, एक सीरियस! सीएम के आदेश पर हाईलेवल जांच टीम निरिक्षण को पहुंची…..

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धनबाद केंदुआडीह गैस कांड: दो और महिलाओं की हालत फिर बिगड़ी, एक सीरियस! सीएम के आदेश पर हाईलेवल जांच टीम निरिक्षण को पहुंची…..

केंद्र और राज्य सरकार का एक्शन मोड!.

झारखंड में खदान सुरक्षा पर उठे सवाल!, DGMS ने जहरीली गैस निकालने के लिए बोर होल करने का दिया निर्देश.

झारखंड के केंदुआडीह में बीसीसीएल खदान से जहरीली गैस रिसाव का मामला गरमाता जा रहा है। अब दो और महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई, जिनमें से एक की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। आनन-फानन में दोनों को अस्पताल भेजा गया।

केंद्र और राज्य सरकार का एक्शन मोड!…

झारखंड सरकार के मुख्य सचिव, प्रभारी डीजीपी और बीसीसीएल के सीएमडी खुद घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए बेलगाड़िया टाउनशिप का निरीक्षण किया।मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि,केंदुआ में जहरीली गैस रिसाव की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। स्थिति खतरनाक है। विस्थापन और पुनर्वास को लेकर जो भी निर्णय होगा, उसमें आम लोगों को जोड़कर ही लिया जाएगा। यहां के लोगों का जीवन महत्वपूर्ण है। लोगों को बचाने के साथ-साथ उनकी आर्थिक और धार्मिक भावनाओं का भी ध्यान रखा जाएगा।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश के बाद आज पूरी टीम को यहां भेजा है। लोगों की सुरक्षा और उनके पुनर्वास को लेकर जो भी निर्णय होंगे, उनमें जनसहमति जरूरी है। किसी को भी जबरन हटाया नहीं जा सकता।

लोगों का बीसीसीएल के खिलाफ फूटा गुस्सा!ग्रामीणों का हाहाकार—सड़क जाम ,मशाल जुलूस!

नाराज ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ कल शाम सड़क जाम कर दिया। मशाल जुलूस निकालकर उन्होंने न्याय की मांग की। सुरक्षा बलों ने हालात नियंत्रित करने में जुटे हैं।BCCL ने गैस रिसाव रोकने के उपाय शुरू किए, लेकिन नाराज ग्रामीणों ने लापरवाही के आरोप लगाए।

राष्ट्रीयकारण के बाद कोल इंडिया ने अस्वधैनिक तरीके से माइनिंग एक्ट के खिलाफ़ खदान से कोयला निकाला कोयला निकलने के बाद खदानो में बालू भराई नहीं की जिसके कारण स्वतः कोयले में आग लगी और यह आग का दायरा बढ़ता चला गया और इन बंद भूमिगत खदान के ऊपर बसे रिहायशी इलाक़े इसके जहद में आ गए।अगर DGMS इसकी जाँच लगातार करते रहती तो आज जिस तरीके से मानव की ज़िन्दगी से खिलवाड़ हो रहा है वह पहले ही रोका जा सकता था. आपको बता दें अगर धनबाद में कुल प्रभावित क्षेत्र की बात की जाए तो साल 2019-20 में 595 साइट्स को संवेदनशील चिह्नित किया गया. जिसके तहत 32 हज़ार रैयत और 72 हज़ार गैर रैयत परिवारों के लिए पुनर्वास का प्रबंध किया जाना था.जो लगातार बढ़ रहा है हालांकि अभी 81 अति संवेदनशील साइट्स से लोगो को चिह्नित किया गया जिन्हे जल्द से जल्द पुनर्वास का प्रबंध किया जाना है.

BCCL ने जहरीली गैस रिसाव रोकने के लिए कोल एजेंसी से मदद ले रही है DGMS (डायरेक्टर जनरल of माइंस सेफ्टी ) ने गैस रिसाव रोकने के लिए CMPDIL और रेस्क्यू टीम को लगा रखा है, डीजीएमएस ने बंद केंदुआडीह खदान के 13 और 14 नंबर सिम के ऊपर बोर होल करने की अनुमति दे दी है. लेकिन बोर होल करने से पहले बीसीसीएल प्रबंधन को बोर होल करने के दौरान किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए बालू एवं अन्य सुरक्षा संबंधी उपकरण की व्यवस्था कर लेने को कहा है. अधिकारियों ने बोर होल वाले संभावित स्थानों का मुआयना भी किया है.केंदुआ चिल्ड्रेन पार्क सहित चार स्थानों पर बोर होल करने की योजना है. तकनीकी सलाह के लिए मिनिरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड की टीम भी पहुंची है.CMPDIL की टीम तो पहले से ही कैंप कर रही है.

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