भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता: 9 महीने में ऐतिहासिक सफलता, 2025 में भारत का तीसरा FTA
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता: 9 महीने में ऐतिहासिक सफलता, 2025 में भारत का तीसरा FTA
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नई दिल्ली | 22 दिसंबर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच आज हुई टेलीफोनिक बातचीत के दौरान भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (India-New Zealand Free Trade Agreement) की संयुक्त घोषणा की गई। यह समझौता मार्च 2025 में शुरू हुई वार्ताओं के बाद मात्र 9 महीनों में पूरा हुआ, जो दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों के इतिहास में सबसे तेज़ और महत्वाकांक्षी समझौता माना जा रहा है।
समझौते की मुख्य बातें
भारतीय निर्यात पर 100% शून्य ड्यूटी: भारत के 8,284 टैरिफ लाइन्स (टेक्सटाइल, गारमेंट्स, लेदर, फुटवियर, फार्मा, केमिकल्स, प्रोसेस्ड फूड्स, मसाले, कॉफी, इंजीनियरिंग गुड्स आदि) पर न्यूजीलैंड में तुरंत या चरणबद्ध तरीके से शून्य शुल्क लागू होगा।
न्यूजीलैंड के निर्यात को बड़ा लाभ:
उनके 95% निर्यातों पर टैरिफ कम या खत्म होंगे। पूर्ण कार्यान्वयन पर 82% उत्पादों पर शून्य ड्यूटी होगी, जिससे न्यूजीलैंड के निर्यात में सालाना 1.1 से 1.3 अरब डॉलर की वृद्धि की उम्मीद है।
द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य: अगले 5 वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य। अगले 15 वर्षों में न्यूजीलैंड से भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
सेवा क्षेत्र और वीजा: आईटी, फाइनेंशियल सर्विसेज, शिक्षा और पर्यटन में सहयोग बढ़ेगा। न्यूजीलैंड सालाना 1,667 अस्थायी वर्क वीजा स्किल्ड भारतीय पेशेवरों के लिए जारी करेगा।
संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा
भारत ने डेयरी, दूध उत्पाद और कुछ कृषि वस्तुओं को पूरी तरह से संरक्षित रखा है, ताकि स्थानीय किसानों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
न्यूजीलैंड ने भी कीवी फ्रूट और मैनुका हनी जैसे उत्पादों पर कोटा-आधारित एक्सेस सुनिश्चित किया है।
वैश्विक संदर्भ में महत्व
यह समझौता अमेरिका की संरक्षणवादी व्यापार नीतियों के दौर में भारत की वैकल्पिक वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने वाला कदम है।
2025 में यह भारत का तीसरा मुक्त व्यापार समझौता (UK और Oman के बाद) है, जबकि पिछले 5 वर्षों में कुल सातवें समझौते के रूप में यह भारत की आक्रामक व्यापार कूटनीति को दर्शाता है।
दोनों नेताओं का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में एक नया अध्याय” बताया और कहा कि यह समझौता दोनों देशों के युवाओं, किसानों, उद्यमियों और उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा करेगा।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे “दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी” करार दिया।
यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की बढ़ती भूमिका को और मजबूत करेगा।
















