केरल में दलित मजदूर की बांग्लादेशी होने के शक में पीट-पीटकर हत्या, परिवार ने 25 लाख मुआवजे की मांग की
केरल में दलित मजदूर की बांग्लादेशी होने के शक में पीट-पीटकर हत्या, परिवार ने 25 लाख मुआवजे की मांग की
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!केरल 22 दिसंबर – केरल के पलक्कड़ जिले के वलयार इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना में छत्तीसगढ़ के 31 वर्षीय दलित मजदूर राम नारायण बघेल की भीड़ ने कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक को बांग्लादेशी होने का शक था, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें लाठियों और अन्य वस्तुओं से बुरी तरह पीटा। यह घटना 18 दिसंबर 2025 को हुई।राम नारायण बघेल छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले के निवासी थे। वे अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य थे और हाल ही में बेहतर मजदूरी के लिए केरल आए थे। उनकी पत्नी और दो छोटे बेटे हैं। स्थानीय पुलिस के अनुसार, एक चोरी की घटना के बाद कुछ लोगों ने राम नारायण पर चोर होने और बांग्लादेशी होने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ उन्हें “बांग्लादेशी” कहकर जमकर पीट रही थी।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उनके शरीर पर 80 से अधिक गंभीर चोट के निशान थे। कोई भी हिस्सा नहीं बचा था। वे खून उल्टी करते हुए दम तोड़ गए।परिवार की मांग
राम नारायण के परिजनों ने इस घटना को स्पष्ट रूप से मॉब लिंचिंग करार देते हुए केरल सरकार से मांग की है कि मामले को मॉब लिंचिंग के तहत दर्ज किया जाए और परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
केरल की वाम मोर्चा सरकार और मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने इस हत्या की कड़ी निंदा की है। मुख्यमंत्री ने इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की “घृणा की राजनीति” का नतीजा बताया है। सीपीआई(एम) का कहना है कि यह घटना बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर फैलाई जा रही नफरत और प्रवासी मजदूरों के खिलाफ बढ़ते पूर्वाग्रह का परिणाम है।पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन अब तक आरएसएस या किसी संगठन से सीधे संबंध होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


















