सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के चार की मौत दो घायल.
जामताड़ा : अजय सिंह.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जामताड़ा : रविवार दोपहर जामताड़ा में हुई सड़क दुर्घटना में एक परिवार पूरी तरह से उजड़ गया. घटना में एक हीं परिवार के 4 वयस्क की मौत हो गई. वहीं दो बच्चें बाल-बाल बच गए. घटना रविवार दोपहर लगभग 1:00 बजे एडीबी संपोषित साहिबगंज-गोविंदपुर हाईवे सड़क पर नगर थाना क्षेत्र के बोधबांध गांव के पास घटित हुई. धनबाद से होंडा सिटी जेएच10 बीक्यू 8508 में सवार मिश्रा परिवार के 6 लोग छठ मनाने बिहार के कटिहार जिला के रोनिया गांव जा रहे थे. इसी क्रम में विपरीत दिशा से आ रही पिकअप वैन बीआर 51जी 5088 ने जोरदार टक्कर मार दी. आमने सामने की हुई टक्कर में गाड़ी में सवार विश्वनाथ मिश्रा उनकी पत्नी नीता मिश्रा की तत्काल मौत हो गई. वहीं उनके बेटे सुमित मिश्रा गाड़ी में बुरी तरह से फंस गए.

बता दे कि सुमित गाड़ी ड्राइव कर रहा था. लगभग 1 घंटे की मशक्कत के बाद सुमित को गैस कटर से गाड़ी का दरवाजा काटकर बाहर निकाला गया. तब तक उनकी मौत हो गई थी. वही उनकी पत्नी की स्थिति गंभीर बनी हुई थी. जिसे तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया और वहां से प्राथमिक उपचार के बाद धनबाद रेफर कर दिया गया. लेकिन धनबाद जाने के क्रम में गोविंदपुर पहुंचते-पहुंचते उनकी मौत हो गई. वहीं घटना में सुमित के दोनों बच्चे 4 वर्षीय पुत्री खुशी और 3 वर्षीय बेटा बाल-बाल बच गया. दोनों को हल्की चोटें आई है.

ग्रामीणों के सहयोग से गाड़ी में सवार लोगों को बाहर निकाला गया. इस दौरान 55 वर्षीय नीता मिश्रा की मौत हो चुकी थी. वही विश्वनाथ मिश्रा ने भी तब तक दम तोड़ दिया था. जबकि गाड़ी ड्राइव कर रहे उनके बेटे 45 वर्षीय सुमित मिश्रा स्टेरिंग से बुरी तरह दब गए थे. लोगों ने साबल से गेट को तोड़ने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली. इस बीच 108 एंबुलेंस और स्थानीय थाना की पुलिस पहुंच चुकी थी. 108 एंबुलेंस की मदद से विश्वनाथ मिश्रा एवं उनकी बहू रागिनी मिश्रा को सदर अस्पताल भेजा गया. रागिनी की स्थिति गंभीर बनी हुई थी. वहीं दोनों बच्चों को पुलिस वाहन से सदर अस्पताल लाया गया.

रागिनी की स्थिति गंभीर देखते हुए तत्काल उसका प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया गया. वहीं साथ में दोनों बच्चों को भी धनबाद भेजा गया. लेकिन धनबाद पीएमसीएच पहुंचने से पहले हीं रास्ते में रागिनी ने दम तोड़ दिया. जानकारी के अनुसार विश्वनाथ मिश्रा आर्मी से रिटायर्ड सैनिक थे. वर्तमान में धनबाद डीआरएम ऑफिस में कार्यरत थे. वहीं उनका बेटा धनबाद में किसी फाइनेंस कंपनी में कार्य कर रहे थे. पूरा परिवार छठ पर्व मनाने अपने पैतृक गांव कटिहार के और रोनिया जा रहे थे. घटना की सूचना तत्काल उनके परिजनों को दी गई. जानकारी मिलने के बाद विश्वनाथ मिश्रा के नजदीकी रिश्तेदार गिरिडीह से जामताड़ा सदर अस्पताल पहुंचे.

4 वर्ष की खुशी जब अस्पताल में थोड़ी सामान्य हुई तो पहले उसने दूध का बोतल खोजा. इसी क्रम में उसकी नजर घायल मां पर पड़ी. मां को उस स्थिति में देखते हीं बच्ची दहाड़ मार कर रोने लगी. लोगों ने किसी तरह से बच्ची को संभाला. वहीं दूसरी और उसके पिता सुमित मिश्रा 1 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ते रहे. स्टेरिंग के बीच दबे होने के कारण उसकी स्थिति गंभीर बनती जा रही थी. स्थानीय लोगों ने निकालने का भरसक प्रयास किया लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो 108 एंबुलेंस में लगे ऑक्सीजन सिलेंडर के माध्यम से सुमित को ऑक्सीजन देने का प्रयास किया. इसी दौरान पुलिस की मदद से गैस कटर वाले को बुलाया गया. गेट काटकर सुमित को बाहर निकाला गया. जब तक सुमित बाहर आया तब तक उसकी भी सांसे टूट चुकी थी. मौके पर पुलिस पहुंचकर स्थिति को संभाला और घायलों को अभिलंब अस्पताल पहुंचाया. घटना के बाद साहिबगंज गोविंदपुर हाईवे 2 घंटे तक जाम रहा.
















