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भाजपा सरकार योजना का नाम नहीं, अपनी नियत बदले: जोसिमा खाखा

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा : केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम को बदलकर विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) या VB-G RAM G करने के प्रस्ताव के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने जोरदार विरोध जताया है। इसी कड़ी में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत सिमडेगा जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी मैदान स्थित महात्मा गांधी स्मारक के समीप एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष भूषण बाड़ा के निर्देश पर आयोजित इस उपवास में महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा सहित कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।

जोसिमा खाखा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “मनरेगा का नाम बदलना कोई प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि इतिहास, संविधान और सामाजिक न्याय की सोच को मिटाने की साजिश है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का फोकस मजदूरी भुगतान में सुधार, रोजगार के अवसर बढ़ाने और मजदूरी दर महंगाई के अनुरूप बढ़ाने पर होना चाहिए, न कि केवल नाम बदलने की राजनीति पर।

जोसिमा ने स्थानीय हालात का जिक्र करते हुए बताया कि सिमडेगा में मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा, 100 दिनों का रोजगार गारंटी नहीं दी जा रही और काम मांगने पर भी उपलब्ध नहीं हो रहा। उन्होंने कहा, “इन गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नाम बदलने का मुद्दा उछाला जा रहा है। मनरेगा कांग्रेस की पहल भले ही हो, लेकिन यह करोड़ों गरीबों और मजदूरों की योजना है। नाम बदलना उनके संघर्ष, सम्मान और अधिकारों का अपमान है।”

उन्होंने भाजपा से सवाल किया, “नाम बदलने से क्या मजदूरों को समय पर पैसा मिलेगा? क्या उन्हें काम मिलेगा?” जोसिमा ने स्पष्ट कहा, “भाजपा सरकार योजना का नाम नहीं, अपनी नियत बदले।”

कार्यक्रम में प्रमुख मांगें रखी गईं जिनमें मनरेगा का नाम जस का तस रखा जाए, बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान हो, 100 दिनों की रोजगार गारंटी सख्ती से लागू की जाए और महंगाई के अनुरूप मजदूरी दर बढ़ाए जाना शामिल है।

वक्ताओं ने जोर दिया कि मनरेगा सिर्फ योजना नहीं, बल्कि संविधान की आत्मा है और इसे कमजोर करने की हर कोशिश के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी।

इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष डेविड तिर्की, पीसीसी डेलिगेट प्रदीप केशरी, कौशल किशोर रोहिल्ला, समरोम पॉल टोपनो, जिला प्रवक्ता रणधीर रंजन, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष रावेल लकड़ा, संतोष सिंह, बिपिन तिग्गा, ज़मीर खान, आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील मिंज सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यह विरोध पूरे देश में चल रहे ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का हिस्सा है, जो केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ जारी रहेगा। कांग्रेस का कहना है कि यह बदलाव गरीबों के अधिकारों पर हमला है और पार्टी इसे हर स्तर पर चुनौती देगी।

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