जी राम जी कानून के खिलाफ कांग्रेस का उपवास: साहिबगंज में धरना-प्रदर्शन

जी राम जी कानून के खिलाफ कांग्रेस का उपवास: साहिबगंज में धरना-प्रदर्शन

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साहिबगंज : केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ‘विकसित भारत-जी राम जी’ (VB-G RAM G) कानून के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस नए कानून के माध्यम से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को प्रतिस्थापित करने का प्रयास किया गया है, जिसका कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है।

जिलाध्यक्ष बरकातुल्ला खान के नेतृत्व में साहिबगंज जिला मुख्यालय के गांधी चौक पर एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। गांधी प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और केंद्र सरकार के इस कदम को गरीबों-मजदूरों के अधिकारों पर हमला बताया। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष अनुकूल मिश्रा, बास्की यादव, मो. कलीमुद्दीन सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

जिलाध्यक्ष बरकातुल्ला खान ने मौके पर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने गरीबों और मजदूरों के लिए मनरेगा कानून लागू किया था, जिसमें ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों का रोजगार गारंटी दी गई थी। यह योजना लाखों गरीब परिवारों के लिए आजीविका का महत्वपूर्ण साधन बनी।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार ने न केवल मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने की साजिश रची है, बल्कि कानून में कई ऐसे बदलाव किए हैं जिनसे गरीब अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित हो जाएंगे। नए कानून से रोजगार की गारंटी कमजोर होगी और ग्रामीण मजदूरों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

जिलाध्यक्ष ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी कानून के खिलाफ 10 जनवरी से 25 फरवरी 2026 तक चरणबद्ध तरीके से राष्ट्रव्यापी आंदोलन ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ चलाएगी। इस अभियान के तहत उपवास, धरना, जनसंपर्क और अन्य विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि केंद्र सरकार से मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग की जा सके।

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