झारखंड भाजपा प्रदेश कार्यालय में नव निर्वाचित 27 जिलाध्यक्षों का भव्य अभिनंदन समारोह
रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) झारखंड इकाई ने हाल ही में नव निर्वाचित 27 जिलाध्यक्षों का प्रदेश कार्यालय में सम्मानजनक अभिनंदन किया। यह कार्यक्रम संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनौतियों, खासकर आगामी नगर निकाय चुनावों तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर फोकस करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
समारोह में प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र त्रिपाठी और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने जिलाध्यक्षों को अंगवस्त्र एवं माला पहनाकर स्वागत किया। सभी नव निर्वाचित नेताओं को उनके।यशस्वी कार्यकाल की शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पूर्व विधायक अपर्णा सेन गुप्ता ने प्रस्तुत किया।
इससे पहले, मंच पर मौजूद पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को उनके जन्मदिन के अवसर पर पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंटकर बधाई दी।
संगठनात्मक विस्तार :
पार्टी ने रांची ग्रामीण को पूर्वी और पश्चिमी दो जिलों में विभाजित किया है। इसी तरह चक्रधरपुर और गिरिडीह ग्रामीण को नए सांगठनिक जिलों के रूप में स्थापित किया गया है। चयन प्रक्रिया में महिला सशक्तिकरण और सर्वस्पर्शी प्रतिनिधित्व पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसमें तीन महिलाएं, चार अनुसूचित जनजाति और एक अनुसूचित जाति से जिलाध्यक्ष चुने गए।
प्रमुख संदेश और बयान:
बाबूलाल मरांडी ने राज्य के 72 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की अप्रत्याशित वृद्धि पर चिंता जताई। उन्होंने सिमडेगा विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि 2019 से 2024 के बीच कुल मतदाता वृद्धि 10% रही, लेकिन मुस्लिम मतदाताओं में यह 78% तक पहुंची, जबकि गैर-मुस्लिम में मात्र 7%। उन्होंने इसे सुनियोजित षड्यंत्र करार देते हुए कहा कि घुसपैठियों को संरक्षण देकर मतदाता बनाया गया है। जिलाध्यक्षों और बीएलओ-1 को चुनाव आयोग के साथ मिलकर अवैध मतदाताओं को चिह्नित करने का आह्वान किया।
आदित्य साहू ने आगामी 48 नगर निकाय चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत का संकल्प लिया। उन्होंने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार और लूट का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों (कांग्रेस, झामुमो, राजद) पर इंडी गठबंधन के नाम पर SIR के खिलाफ दिग्भ्रमित करने का आरोप लगाया। कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है और यह केवल।भारतीय नागरिकों के लिए है। साहेबगंज के उधवा प्रखंड में 78% वृद्धि का उदाहरण देते हुए SIR को आवश्यक बताया। वहीं नागेंद्र त्रिपाठी और कर्मवीर सिंह ने SIR की प्रक्रिया, उद्देश्यों और बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

















