रुपया डॉलर के सामने अब तक का सबसे कमजोर  हुआ एक डॉलर की कीमत 91.70 रुपये

रुपया डॉलर के सामने अब तक का सबसे कमजोर  हुआ एक डॉलर की कीमत 91.70 रुपये

Share
Link copied

रुपया डॉलर के सामने अब तक का सबसे कमजोर  हुआ एक डॉलर की कीमत 91.70 रुपये

रुपया डॉलर के सामने अब तक का सबसे कमजोर  हुआ एक डॉलर की कीमत 91.70 रुपये

आज 21 जनवरी  को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड गिरावट पर पहुँच गया है। अब 1 डॉलर के लिए आपको 91.70 रुपये तक देने पड़ रहे हैं (दिन में सबसे ज्यादा 91.74 तक गया था)। यानी पहले जितने रुपये में 1 डॉलर मिलता था, अब उससे ज्यादा रुपये लग रहे हैं – रुपया बहुत कमजोर हो गया

इससे आम आदमी को क्या नुकसान होगा इसे ऐसे समझिये

विदेशी सामान महँगा हो जाएगा –

जैसे iPhone, लैपटॉप, इम्पोर्टेड कपड़े, खिलौने, चॉकलेट वगैरह।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं, क्योंकि भारत तेल बाहर से खरीदता है और डॉलर में पेमेंट करता है।
बाहर घूमने या पढ़ाई के लिए विदेश जाने वालों को ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
अच्छी बात: अगर आप एक्सपोर्ट करते हैं या विदेश से पैसे भेजवाते हैं, तो आपको ज्यादा रुपये मिलेंगे।

ऐसा क्यों हो रहा है?

विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे हैं – पिछले महीने में ही उन्होंने भारतीय शेयर बाजार से ढेर सारा पैसा (करीब 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) बाहर निकाल लिया। 2025 में भी बहुत निकाला था। जब विदेशी पैसा निकालते हैं, तो डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपया गिरता है।
दुनिया में डर का माहौल – अमेरिका-यूरोप के बीच ट्रेड (व्यापार) की टेंशन, ट्रंप की ग्रीनलैंड वाली बातें, और अन्य देशों के झगड़े – इनसे लोग सुरक्षित डॉलर में पैसा डाल रहे हैं। इससे रुपया जैसे उभरते देशों की मुद्राएँ कमजोर हो रही हैं।
अमेरिका के साथ ट्रेड डील में देरी – भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ (टैक्स) की समस्या से निर्यात मुश्किल हो रहा है, लेकिन आयात जारी है – डॉलर की जरूरत बढ़ रही है।
रिजर्व बैंक (RBI) ने आज ज्यादा हस्तक्षेप नहीं किया, इसलिए गिरावट और तेज हो गई। RBI रुपये को बचाने की कोशिश करता है, लेकिन बहुत ज्यादा डॉलर नहीं बेचना चाहता।

आगे क्या होगा?

रुपया अभी 91.50 से 92 के आसपास रह सकता है।
अगर विदेशी निवेशक वापस लौट आएँ या दुनिया का माहौल ठीक हो, तो रुपया थोड़ा मजबूत हो सकता है।
RBI के पास बहुत सारे डॉलर का भंडार है, वो जरूरत पड़ने पर मदद करेगा।

जाहिर है भारतीय रुपया आज विदेशी मुद्रा बाजार में भारी गिरावट के साथ ऑल-टाइम लो पर पहुँच गया। USD/INR जोड़ी इंट्रा-डे में 91.7425 तक छू गई और दिन के अंत में लगभग 91.69-91.71 के आसपास बंद हुई। यह पिछले रिकॉर्ड लो (दिसंबर 2025 में 91.14) को तोड़ते हुए 0.6-0.8% की तेज गिरावट दर्शाता है।यह लगातार छठा दिन है जब रुपया कमजोर हुआ है, और जनवरी में अब तक यह 2.2-2.4% कमजोर हो चुका है। पिछले 12 महीनों में गिरावट 5.9-6% के आसपास है।

ABOUT THE AUTHOR
drishtinow

drishtinow