भारत सरकार का चला डंडा ,अश्लीलता परोसने के कारण पांच और OTT प्लेटफॉर्म बैन
भारत सरकार का चला डंडा ,अश्लीलता परोसने के कारण पांच और OTT प्लेटफॉर्म
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भारत सरकार ने अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पांच OTT प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक कर दिया है। यह कार्रवाई सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting – I&B Ministry) द्वारा की गई है, जो 24 फरवरी 2026 को सामने आई है।
ब्लॉक किए गए OTT प्लेटफॉर्म्स की सूची:
MoodXVIP
Koyal Playpro
Digi Movieplex
Feel
Jugnu
ये प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से मोबाइल ऐप्स और वेबसाइट्स के रूप में काम कर रहे थे, जहां उपयोगकर्ताओं को स्ट्रीमिंग सेवाएं प्रदान की जाती थीं।
ब्लॉक करने का मुख्य कारण:
इन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील (obscene), अशोभनीय (vulgar) और पोर्नोग्राफिक सामग्री प्रसारित की जा रही थी। सरकार के अनुसार, यह सामग्री भारतीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन करती है, जिसमें शामिल हैं:सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 और 67A (अश्लील सामग्री प्रकाशित करने पर सजा का प्रावधान)।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294 (सार्वजनिक स्थान पर अश्लील कृत्य)।
महिलाओं का अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 4 (महिलाओं की असभ्य/अश्लील छवि प्रस्तुत करने पर रोक)।
आईटी नियम, 2021 के तहत डिजिटल कंटेंट के लिए निर्धारित कोड ऑफ एथिक्स और सामग्री वर्गीकरण के उल्लंघन।
सरकार ने कहा है कि यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है। इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) को निर्देश दिए गए हैं कि वे भारत में इन प्लेटफॉर्म्स की पहुंच को पूरी तरह ब्लॉक कर दें। ऐप स्टोर्स से भी इन्हें हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
यह कार्रवाई OTT प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती अश्लील सामग्री के खिलाफ सरकार की निरंतर मुहिम का हिस्सा है।
इससे पहले:2024-2025 में कुल 43 से अधिक प्लेटफॉर्म्स (जैसे Ullu, ALTT/ALTBalaji, Desiflix, Big Shots App आदि) ब्लॉक किए जा चुके हैं।
हाल ही में (फरवरी 2026 में) 25 बड़े प्लेटफॉर्म्स पर भी बड़ा एक्शन लिया गया था।
सरकार का उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और समाज की नैतिकता की रक्षा करना है, साथ ही डिजिटल मीडिया में जिम्मेदारी सुनिश्चित करना।
प्रभाव:
उपयोगकर्ता अब इन ऐप्स या वेबसाइट्स पर सामग्री नहीं देख पाएंगे।
यह कदम डिजिटल कंटेंट रेगुलेशन को और मजबूत करने की दिशा में है, जहां OTT प्लेटफॉर्म्स को उम्र-आधारित वर्गीकरण, कंटेंट डिस्क्रिप्टर और स्व-नियमन का पालन करना अनिवार्य है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी सामग्री फैलाने वाले प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
















