तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच शहबाज शरीफ का बड़ा फैसला: सरकारी दफ्तर अब हफ्ते में सिर्फ 4 दिन खुलेंगे, आधे कर्मचारी घर से करेंगे काम
इस्लामाबाद : पाकिस्तान में बढ़ती तेल की कीमतों और मध्य पूर्व संकट (ईरान युद्ध) के कारण ईंधन की बचत के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बड़े पैमाने पर किफायतशारी के कदम उठाए हैं। नए ऐलान के तहत सरकारी दफ्तर अब हफ्ते में सिर्फ चार दिन ही खुलेंगे, जबकि आधे कर्मचारी घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करेंगे।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 60 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर से ज्यादा हो गई हैं। ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमलों के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल आया है। ऐसे में सरकार ने तेल की बचत और सरकारी खर्चों में कटौती के लिए 14 सूत्रीय योजना लागू की है।
14 सूत्रीय योजना में सरकारी दफ्तर हफ्ते में 4 दिन ही खुलेंगे (बैंकों को छोड़कर)। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर 50% कर्मचारी घर से काम करेंगे। सरकारी गाड़ियों के ईंधन में 50% कटौती (अगले 2 महीने के लिए)। 60% सरकारी वाहनों को सड़क से हटाया जाएगा। स्कूलों में 2 हफ्ते की छुट्टियां, उच्च शिक्षा ऑनलाइन। मंत्रियों और उच्च अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर रोक। सरकारी खर्चों में 20% कटौती, फर्नीचर-एसी खरीद पर पाबंदी। कैबिनेट सदस्यों की 2 महीने की सैलरी नहीं ली जाएगी, सांसदों की सैलरी में 25% कटौती।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये कदम मुश्किल हैं, लेकिन जरूरी हैं ताकि गरीब जनता पर बोझ कम हो और अर्थव्यवस्था स्थिर रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि ईंधन जमाखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। ये उपाय तुरंत प्रभाव से लागू हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ईंधन की खपत में 30% तक कमी आ सकती है।


















