एक लाख का इनामी PLFI एरिया कमांडर हाबिल मुंडू ने किया आत्मसमर्पण: पुलिस ने सौंपा एक लाख का चेक
खूंटी : झारखंड के खूंटी जिले में नक्सलवाद विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। एक लाख रुपये का इनामी PLFI (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) का एरिया कमांडर हाबिल मुंडू उर्फ प्रफुल्ल मुंडू ने पुलिस के सामने हथियार और कारतूसों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। 30 वर्षीय हाबिल मुंडू मुरहू थाना क्षेत्र के बम्हनी गांव का निवासी है। उसने झारखंड सरकार की सरेंडर नीति “नई दिशा” के तहत यह कदम उठाया है।
आत्मसमर्पण के दौरान हाबिल मुंडू ने तीन पिस्टल, 13 जिंदा कारतूस और दो वॉकी-टॉकी सौंपे। खूंटी के उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने संयुक्त रूप से सरेंडर नीति के तहत एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया।
प्रेस वार्ता में खूंटी उपायुक्त ऑर रॉनिटा ने बताया कि सरकार की “नई दिशा” नीति के सकारात्मक प्रभाव से प्रभावित होकर हाबिल मुंडू ने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे अन्य नक्सली और उग्रवादी भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित होंगे और आत्मसमर्पण करेंगे।
खूंटी पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो ने जानकारी दी कि हाबिल मुंडू एक दशक से अधिक समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था। PLFI का एरिया कमांडर बनने के बाद उसने जंगलों में हथियार चलाने का प्रशिक्षण लिया और कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया। उसके खिलाफ खूंटी, मुरहू, तोरपा और कर्रा थानों में दर्जनों मामले दर्ज हैं।
यह आत्मसमर्पण खूंटी जिले में PLFI के खिलाफ चल रहे अभियान की मजबूती को दर्शाता है। पुलिस का कहना है कि “नई दिशा” नीति से अधिक से अधिक उग्रवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास को बढ़ावा मिलेगा।


















