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जेडीयू में सियासी बगावत! बांका सांसद गिरधारी यादव की सदस्यता पर गिरी गाज, पार्टी ने लोकसभा स्पीकर को सौंपा नोटिस

बिहार की सियासत में जेडीयू के अंदरूनी घमासान अब खुलकर सामने आ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जेडीयू अध्यक्ष चुने जाते ही पार्टी ने अपने ही लोकसभा सांसद के खिलाफ सख्त एक्शन प्लान शुरू कर दिया है। बांका से जेडीयू सांसद गिरधारी यादव की लोकसभा सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

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जेडीयू के संसदीय दल के नेता और सुपौल से सांसद दिलेश्वर कामत ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष को औपचारिक नोटिस सौंपकर गिरधारी यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आधार पर अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

क्यों चाहती है जेडीयू गिरधारी यादव की सदस्यता खत्म करना?

पार्टी सूत्रों के अनुसार, गिरधारी यादव पर मुख्य आरोप है ये विधानसभा चुनाव के दौरान अपने बेटे के लिए आरजेडी के टिकट पर प्रचार करना। Election Commission की Special Intensive Revision (SIR) पर पार्टी लाइन के खिलाफ बयान देना, जिसे पार्टी ने ‘तुगलकी फरमान’ करार दिया था और लगातार पार्टी अनुशासन भंग करना और विरोधी गतिविधियों में शामिल रहना।

जेडीयू का कहना है कि ऐसे कदम पार्टी की एकता और अनुशासन के लिए खतरा हैं, इसलिए अब सख्त कार्रवाई की जा रही है। नीतीश कुमार के अध्यक्ष बनते ही यह पहला बड़ा अनुशासनात्मक कदम माना जा रहा है, जो पार्टी के अंदर साफ संदेश देता है कि बगावत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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