पीड़ितों को त्वरित न्याय और आर्थिक संबल दिलाना प्राथमिकता: पीडीजे
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की ओर से आयोजित जिलास्तरीय मॉनिटरिंग बैठक में पीड़ितों को समयबद्ध न्याय और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने की।
बैठक में विक्टिम कम्पनसेशन स्कीम के तहत कुल 19 मामलों की समीक्षा की गई। इनमें 15 मामलों में अंतिम मुआवजा (फाइनल कम्पनसेशन) और 4 मामलों में अंतरिम मुआवजा से संबंधित आवेदन शामिल थे। सभी मामलों पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र और पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिन्हा ने कहा कि पीड़ित मुआवजा योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं है, बल्कि पीड़ितों में न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास भी मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पात्र लाभुकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर संवेदनशीलता के साथ मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में विचाराधीन बंदियों को दी जा रही सुविधाओं पर भी चर्चा की गई। न्यायिक अधिकारियों ने बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया। साथ ही न्यायिक और प्रशासनिक तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की जरूरत बताई गई, ताकि न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सुगम बन सके।
इसके अलावा निःशुल्क विधिक सहायता, कोर्ट फीस और जन-जागरूकता अभियानों को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आम लोगों को विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाएं।
बैठक में उपायुक्त कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे, एडीजे नरंजन सिंह, सीजेएम निताशा बारला, एसडीजेएम सुम्मी बीना होरो, सिविल सर्जन डॉ. सुंदर मोहन सामद, एसडीओ प्रभात रंजन ज्ञानी, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सुभाष बाड़ा सहित कई न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम द्वारा स्वागत भाषण के साथ हुई, जिसमें उन्होंने बैठक के उद्देश्यों और एजेंडे की जानकारी दी।

















