Gumla: 'Dharti Aaba' Statue Found in Damaged State; Dr. Pranav Kumar Babbu Expresses Strong Outrage

गुमला: खंडित अवस्था में ‘धरती आबा’ की प्रतिमा, डॉ. प्रणव कुमार बब्बू ने जताई कड़ी नाराजगी, आंदोलन की चेतावनी

गुमला: खंडित अवस्था में ‘धरती आबा’ की प्रतिमा, डॉ. प्रणव कुमार बब्बू ने जताई कड़ी नाराजगी, आंदोलन की चेतावनी

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Gumla: 'Dharti Aaba' Statue Found in Damaged State; Dr. Pranav Kumar Babbu Expresses Strong Outrage

रांची | 11 अप्रैल:  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आदिवासी जननायक के कितना प्रेम है यह किसी से छिपा नही है । आज भी उन्होंने वीर सिद्दू -कानू के जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए और कहा की झारखंड के हर वीर सपूतो ने जल , जंगल और जमीन की लड़ाई में एक नई दिशा दी है जिस पथ पर आज वो चल रहे है लेकिन ……

प्रशासनिक अनदेखी के कारण कई बार ऐसा होता है की हमारे आदिवासी क्रांतिकारी , अमर शहीद , भगवान का अपमान हो जाता है। ऐसे ही एक मामले में   झारखंड के गौरव और महान क्रांतिकारी भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा की अनदेखी को लेकर राज्य में राजनीति और जन-आक्रोश गरमाने लगा है। भाजपा नेता और झारखंड आंदोलनकारी डॉ. प्रणव कुमार बब्बू ने गुमला जिले के घाघरा प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की खंडित प्रतिमा पर गहरा अफसोस जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है।

प्रशासन की पोल खोल रही है यह तस्वीर

डॉ. बब्बू ने बताया कि लोहरदगा से गुमला जाने के दौरान जब वे घाघरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे, तो वहां का दृश्य विचलित करने वाला था। कार्यालय परिसर में धरती आबा की प्रतिमा लंबे समय से विखंडित अवस्था में पड़ी है। उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा की यह अवस्था न केवल स्थानीय प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करती है, बल्कि यह झारखंड के हर नागरिक के चेहरे पर एक करारा तमाचा है।”
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मुख्यमंत्री से त्वरित कार्रवाई की मांग

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में डॉ. बब्बू ने मांग की है कि:

नयी प्रतिमा की स्थापना: खंडित प्रतिमा को हटाकर अविलंब वहां नई और भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए।
दोषियों पर कार्रवाई: इतने लंबे समय तक प्रतिमा को इस हाल में छोड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जांच हो और उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
सर्वोच्च प्राथमिकता: इस विषय को राज्य की अस्मिता से जोड़ते हुए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

आंदोलन की दी चेतावनी

डॉ. प्रणव कुमार बब्बू ने स्पष्ट किया कि भगवान बिरसा मुंडा केवल एक नाम नहीं, बल्कि आदिवासियों और मूलवासियों की प्रेरणा के पुंज हैं। यदि प्रशासन इस मामले में तुरंत संज्ञान नहीं लेता है और प्रतिमा की पुनर्स्थापना नहीं की जाती है, तो इसके खिलाफ राज्यव्यापी **तीव्र आंदोलन** छेड़ा जाएगा।

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गुमला जिले के घाघरा अंचल कार्यालय परिसर , जहां भगवान बिरसा का स्टेचू का रख रखाव नही, मूर्ति दरक रही है । अधिकारी ध्यान नही दे रहे । धरती आबा का अपमान ये।

 

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