रांची: उपायुक्त ने स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण योजनाओं की समीक्षा की; लापरवाही पर बेड़ो-मांडर पर्यवेक्षिकाओं का वेतन रोका
रांची: उपायुक्त ने स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण योजनाओं की समीक्षा की; लापरवाही पर बेड़ो-मांडर पर्यवेक्षिकाओं का वेतन रोका
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रांची: जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने आज समाहरणालय में स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन में सुस्ती और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ उपायुक्त ने कड़े तेवर दिखाए।
कुपोषण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: वेतन रोकने का आदेश
समीक्षा के दौरान बेड़ो और मांडर प्रखंडों के कुपोषण उपचार केंद्रों (MTC) में बच्चों का नामांकन कम पाए जाने पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित महिला पर्यवेक्षिकाओं को शोकॉज (कारण बताओ नोटिस) जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से उनका वेतन रोकने का आदेश दिया है। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें एमटीसी में भर्ती कराना और समुचित पोषाहार सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
सेविका-सहायिका चयन में पारदर्शिता और सख्त निर्देश
आंगनवाड़ी सेविका एवं सहायिका के रिक्त पदों पर बहाली को लेकर उपायुक्त ने सभी CDPO और महिला पर्यवेक्षिकाओं को पूर्ण पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों पर होगी FIR
आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की समीक्षा करते हुए श्री भजन्त्री ने पाया कि कांके और सोनाहातू प्रखंडों में कुछ स्थानीय लोगों द्वारा निर्माण कार्य में बाधा डाली जा रही है। उन्होंने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी काम रोकने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करें। साथ ही, एक शिक्षक की संलिप्तता पाए जाने पर उनके विरुद्ध भी शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के मुख्य बिंदु:
पोषण ट्रैकर ऐप: सभी CDPO को ऐप में शत-प्रतिशत डाटा एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया ताकि रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो सके।
झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रहार उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि ग्रामीणों को झोलाछाप डॉक्टरों से बचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं।
संस्थागत प्रसव: ड्यू लिस्ट के अनुसार 100% संस्थागत प्रसव और टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया गया।
मंईयां सम्मान योजना: झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत बाकी बचे लाभुकों का सत्यापन जल्द पूरा करने और डुप्लीकेसी रोकने के निर्देश दिए गए।
बुनियादी सुविधाओं पर जोर
आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली कनेक्शन, शौचालय और पाइपयुक्त पेयजल की स्थिति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बिजली विभाग (JBVNL) के महाप्रबंधक से समन्वय कर लंबित मामलों को जल्द निपटाने का निर्देश दिया।
उपायुक्त का स्पष्ट संदेश:
“योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”














