“मिशन-11” पर सियासी तंज: बाबूलाल मरांडी पर झामुमो का हमला, विनोद पांडेय ने साधा निशाना
रांची : झारखंड की सियासत में “मिशन-11” को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर तीखा हमला बोला है।
विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि बाबूलाल मरांडी “मिशन-11” को सफल बनाने के लिए लगातार “अजीबोगरीब हरकतों” में लगे हुए हैं और इस प्रक्रिया में अपनी राजनीतिक मर्यादा खोते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मरांडी हर मुद्दे पर केवल विरोध की राजनीति कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है।
झामुमो नेता ने हाल ही में एक पुलिस अधिकारी पर की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने अमर्यादित भाषा के मामले में तुरंत कदम उठाया, लेकिन इस पर भी मरांडी को आपत्ति है। इससे साफ होता है कि वे हर मुद्दे पर विरोध करना ही अपनी राजनीति बना चुके हैं।
पांडेय ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी अब मरांडी से दूरी बनाने लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चर्चा में बने रहने के लिए मरांडी लगातार गवर्नर हाउस के चक्कर लगा रहे हैं और पुराने “डोमिसाइल” मुद्दे को दोहराते रहते हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच मरांडी को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। कार्यकर्ताओं के बीच मजाक में यह चर्चा हो रही है कि उनके हटने पर “100-100 नारियल फोड़े जाएंगे।”
चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए पांडेय ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को झारखंड में 24 सीटें मिली थीं, जो 2024 में घटकर 21 रह गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि मरांडी के नेतृत्व में पार्टी एक भी उपचुनाव नहीं जीत पाई है।
झामुमो नेता ने तंज कसते हुए कहा कि मरांडी 2029 तक भाजपा को “शगुन के 11 सीट” तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति रही तो अगली बार 5 सीटें जीतना भी मुश्किल हो सकता है।
अंत में पांडेय ने कहा कि बाबूलाल मरांडी को जनता के सामने अपना एजेंडा स्पष्ट करना चाहिए और बताना चाहिए कि वे वास्तव में क्या चाहते हैं।


















