Hemant soren metting

दावोस और यूके यात्रा के बाद निवेश की तैयारी: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एमओयू को धरातल पर उतारने के दिए निर्देश

दावोस और यूके यात्रा के बाद निवेश की तैयारी: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एमओयू को धरातल पर उतारने के दिए निर्देश

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Hemant soren metting

​रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य एजेंडा दावोस (विश्व आर्थिक मंच) और यूनाइटेड किंगडम की यात्रा के दौरान हुए निवेश प्रस्तावों और समझौता ज्ञापनों (MoU) की प्रगति की समीक्षा करना था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निवेश के प्रस्तावों को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य योजना बनाएं।

​इन क्षेत्रों में निवेश को मिलेगी प्राथमिकता

​मुख्यमंत्री ने राज्य के औद्योगिक विकास के लिए कुछ प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की बात कही:
​टेक्सटाइल और वस्त्र उद्योग: रोजगार के बड़े अवसर पैदा करने के लिए।
​क्रिटिकल मिनरल: रिसर्च और प्रोसेसिंग के लिए यूके के संस्थानों के साथ ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस‘ की स्थापना।
​पर्यटन और विरासत: मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों की जियो-टैगिंग और संरक्षण।
​अन्य क्षेत्र: आईटी, फूड प्रोसेसिंग, उच्च शिक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और ईवी (EV) कंपोनेंट्स।

​टेक्सटाइल सेक्टर से थमेगा पलायन

​मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से टेक्सटाइल पॉलिसी पर चर्चा करते हुए कहा कि झारखंड के कामगार अक्सर दूसरे राज्यों में जाकर इस क्षेत्र में काम करते हैं। यदि राज्य में ही बेहतर नीति और उद्योग विकसित होंगे, तो यहां की महिलाओं और युवाओं को बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार मिलेगा। उन्होंने इस सेक्टर को राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर बताया।

​वैश्विक मंच पर झारखंड की मजबूत उपस्थिति

​बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर झारखंड की भागीदारी सफल रही है। उन्होंने कहा, “झारखंड ने पूरे विश्व को संदेश दिया है कि यह अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है। कई अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक समूहों के साथ सकारात्मक वार्ता हुई है, जिससे आने वाले समय में राज्य में बड़े निवेश की प्रबल संभावनाएं हैं।”

​बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी

​इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से शामिल हुए:
​अविनाश कुमार (मुख्य सचिव)
​वंदना दादेल (अपर मुख्य सचिव)
​राहुल पुरवार (प्रधान सचिव, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग)
​अरवा राजकमल (सचिव, उद्योग विभाग)
​प्रशांत कुमार (सचिव, वित्त विभाग)
​पूजा सिंघल (सचिव, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग)
​मुकेश कुमार (सचिव, पर्यटन विभाग)
​राजीव लोचन बक्शी (विशेष सचिव, आईपीआरडी)

​मुख्यमंत्री ने अंत में अधिकारियों को निर्देश दिया कि निवेशकों के लिए प्रक्रिया को सरल और आकर्षक बनाएं ताकि झारखंड औद्योगिक विकास की नई ऊंचाइयों को छू सके।

Share via
Share via