हजारीबाग: सत्ता के नशे में चूर कांग्रेस कोटे के मंत्री समर्थकों की गुंडागर्दी, सवाल पूछने पर पत्रकार को सरेआम पीटा

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नवीन कुमार
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग से लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कवरेज करने गए News 18 Jharkhand के पत्रकार सुशांत सोनी के साथ स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों ने जमकर मारपीट की। पत्रकार का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने चतरा विमान हादसे के पीड़ितों को अब तक मुआवजा न मिलने पर मंत्री जी से सवाल पूछ लिया था।
क्या है पूरा मामला?
मंगलवार को झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी हजारीबाग के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के दौरे पर थे। इस दौरान News 18 Jharkhand के पत्रकार सुशांत सोनी ने उनसे चतरा में हुए विमान हादसे और पीड़ितों को अब तक उचित मुआवजा न मिलने को लेकर सवाल किया।
सवाल सुनते ही मंत्री जी के समर्थक भड़क गए। उनमें से एक ने कहा की आप लोग दलाल है । उन्होंने न केवल पत्रकार को कवरेज करने से रोका, बल्कि एक दर्जन से अधिक समर्थकों ने मिलकर पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
मूकदर्शक बनी रही पुलिस
हजारीबाग प्रेस क्लब ने इस घटना की तीखी निंदा की है। प्रेस क्लब के अध्यक्ष का आरोप है कि जिस समय पत्रकार को पीटा जा रहा था, वहां जिले के कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि खाकी वर्दीधारियों ने बीच-बचाव करना भी मुनासिब नहीं समझा। पुलिस की यह चुप्पी अब प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
सियासी बवाल: बाबूलाल मरांडी ने बोला हमला
घटना के बाद झारखंड की सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को घेरते हुए लिखा:
> “हेमंत सोरेन जी, यदि आपके मंत्री को जनता के सवाल चुभ रहे हैं, तो उन्हें सलाह दें कि राजनीति छोड़कर घर बैठ जाएं। पत्रकारों के साथ मारपीट को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
मरांडी ने हजारीबाग पुलिस से मांग की है कि मंत्री इरफान अंसारी और उनके समर्थकों पर तत्काल केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार
यह पहली बार नहीं है जब सत्ता पक्ष के लोगों पर पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं। लेकिन अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थान पर, पुलिस की मौजूदगी में एक पत्रकार को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि सत्ता में बैठे लोग खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं।
प्रेस क्लब रांची ग्रुप में एक पत्रकार की मांग:
- मंत्री जी के कार्यक्रम का बहिष्कार हो, जब तक की मंत्री जी माफी नही मांगे।
हजारीबाग प्रेस क्लब के अध्यक्ष की मांग
हजारीबाग में पत्रकारों के साथ मारपीट का मामला गंभीर चिंता का विषय बन गया है। हजारीबाग प्रेस क्लब के अध्यक्ष ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सार्वजनिक रूप से पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक है।
अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान जिला पुलिस के पदाधिकारी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप तक नहीं किया। यह कानून-व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है—क्योंकि ऐसे मामलों में पुलिस की भूमिका निष्पक्ष और सक्रिय होनी चाहिए।