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झारखंड: बोकारो कोषागार घोटाले में CID की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की संपत्ति जब्त, सिपाही काजल मंडल गिरफ्तार

बोकारो कोषागार अवैध निकासी मामले में CID का बड़ा एक्शन। सिपाही काजल मंडल गिरफ्तार, 8.75 लाख नगद और करोड़ों की संपत्ति जब्त। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

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आकाश सिंह

रांची/बोकारो:  झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने एक और बड़ी स्ट्राइक की है। बोकारो कोषागार से अवैध राशि निकासी मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने बोकारो एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में तैनात सिपाही  काजल मंडल  को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से लाखों की नगदी समेत निवेश के कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।

मुख्य आरोपी का था ‘खास’ मददगार

अनुसंधान में पाया गया कि गिरफ्तार सिपाही काजल मंडल, इस पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय का करीबी सहयोगी था। काजल मंडल के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर बोकारो स्थित उसके घर पर छापेमारी की गई, जहाँ से  8.75 लाख रुपये नगद बरामद हुए। बताया जा रहा है कि यह पैसा यात्रा मद (Travel Allowance) और अन्य फर्जी बिलों के जरिए निकाला गया था, जिसे मुख्य आरोपी ने काजल के खाते में ट्रांसफर किया था।

करोड़ों की संपत्ति और फिक्स्ड डिपॉजिट सीज

SIT की जांच में अब तक भ्रष्टाचार की जो परतें खुली हैं, वे चौंकाने वाली हैं। 1 मई 2026 तक की गई कार्रवाई में निम्नलिखित जप्ती हुई है:
बैंक बैलेंस: विभिन्न बैंकों में जमा 2 करोड़ 11 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को फ्रीज कर दिया गया है।
आलीशान मकान:बोकारो के तेलीडीह में 4.08 डिसमिल जमीन पर बना एक तीन मंजिला मकान और उसके कागजात जब्त किए गए हैं।
अतिरिक्त भूमि: तेलीडीह में ही  4.98 डिसमिल अन्य जमीन के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
नगद: 8.75 लाख रुपये की राशि विधिवत जप्त की गई है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ है केस

इस मामले में CID ने कांड संख्या 06/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 316, 318, 338, 336, 340, 61  और IT Act की धारा 66 व 43 के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल फॉरेंसिक के आधार पर की जा रही है।

अब तक 4 आरोपी जा चुके हैं जेल

इस घोटाले में अब तक कुल चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है:
1. कौशल कुमार पाण्डेय  (लेखापाल – मुख्य आरोपी)
2. सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह  (होमगार्ड)
3. अशोक कुमार भंडारी (स०अ०नि०, लेखा शाखा)
4. काजल मंडल (आरक्षी, लेखा शाखा)

जाहिर है की सरकारी खजाने में हुई इस सेंधमारी ने विभाग के भीतर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। CID की इस कार्रवाई से साफ है कि घोटाले में शामिल किसी भी सफेदपोश या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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