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गोड्डा राष्ट्रीय लोक अदालत: 10 हजार से अधिक मामलों का निपटारा, 2.21 करोड़ रुपये का हुआ समझौता

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गोड्डा:  झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देश पर शनिवार को गोड्डा व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान आपसी सुलह और समझौते के आधार पर रिकॉर्ड 10,981 मामलों का निष्पादन किया गया, जिसमें कुल 2,21,97,061 रुपये की समझौता राशि तय की गई।

वर्चुअल उद्घाटन और बेंचों का गठन

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ झालसा के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन  जस्टिस सुदिष्ट नारायण प्रसाद ने वर्चुअल माध्यम से किया। मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए कुल **सात न्यायिक बेंच बनाई गई थीं, जहाँ विभिन्न न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने मामलों की सुनवाई की।

इन मामलों का हुआ निपटारा

लोक अदालत में बैंक रिकवरी से लेकर ट्रैफिक चालान तक के मामलों को सुलझाया गया:
बैंक रिकवरी:  1,059 मामलों में 70.07 लाख रुपये की वसूली।
एमएसीटी (दुर्घटना दावा):04 मामलों में 64.50 लाख रुपये का समझौता।
चेक बाउंस (धारा 138):  09 मामलों में 48.61 लाख रुपये का निपटारा।
ट्रैफिक चालान: 841 मामलों से 30.68 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
अन्य मामले:  बिजली बिल, श्रम विवाद, पारिवारिक मामले (12), और कोटपा के तहत भी वसूली की गई।

किस बेंच पर हुई किसकी सुनवाई?

बेंच 1:  प्रधान जज अनिल कुमार पांडेय ने वैवाहिक और पारिवारिक विवादों को सुलझाया।
बेंच 2: जिला जज प्रथम कुमार पवन ने एमएसीटी और सिविल अपील के मामलों की सुनवाई की।
बेंच 3: एडीजे द्वितीय निरुपम कुमार ने बिजली विभाग से जुड़े मामलों का निपटारा किया।
बेंच 4: सीजेएम चंदन कुमार ने एक्साइज, फॉरेस्ट और माप-तौल से संबंधित वाद देखे।
बेंच 5:  न्यायिक दंडाधिकारी राज कल्याण ने कंपाउंडेबल अपराधों का निपटारा किया।
बेंच 6:  सतीश कुमार मुंडा और अभय कुमार झा ने राजस्व, म्यूटेशन और होल्डिंग टैक्स के मामले सुलझाए।
बेंच 7: खालिद रसीद अली अहमद और अनिता मंडल ने उपभोक्ता फोरम से जुड़े मामलों की सुनवाई की।

सुलह से मिला न्याय

इस लोक अदालत की सबसे बड़ी उपलब्धि पारिवारिक और वैवाहिक विवादों का निपटारा रही, जहाँ बिछड़े परिवारों को आपसी बातचीत के जरिए फिर से जोड़ा गया। फ्रंट ऑफिस के माध्यम से भी 5,724 मामलों का रिकॉर्ड निष्पादन हुआ। न्यायालय परिसर में दिन भर वादकारियों और अधिवक्ताओं की भारी भीड़ देखी गई।

 

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