झूठे वादों के सहारे हेमंत सरकार को घेरेगी भाजपा, आंदोलन की रूपरेखा तैयार

रांची : झारखंड भाजपा ने राज्य की हेमंत सरकार को उसके वादों और दावों के मुद्दे पर घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में प्रदेश पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, किसानों की समस्याओं, सरकारी वादाखिलाफी और एसआईआर (SIR) समेत कई ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में पार्टी ने सरकार के खिलाफ भावी आंदोलनों की रणनीति और रूपरेखा तैयार की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड सरकार के किसी भी वादे और दावे पर “रत्ती भर भी भरोसा नहीं” किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाएं करने में माहिर है, जबकि जमीनी स्तर पर उन घोषणाओं का कोई असर दिखाई नहीं देता।
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा ने कहा कि मंडल, जिला और कोर ग्रुप स्तर की बैठकों के बाद अब प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक संपन्न हुई है। पूर्व बैठकों में मिले सुझावों और मुद्दों के आधार पर पार्टी अब आंदोलन की रणनीति को अंतिम रूप दे रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा देशभर की तरह झारखंड में भी SIR का कार्य कराया जा रहा है। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपने BLA-2 कार्यकर्ताओं की सूची और फोटो जिला कार्यालयों में जमा करने को कहा है। भाजपा ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है। उन्होंने दावा किया कि झारखंड की मतदाता सूची में कई विसंगतियां हैं, इसलिए SIR का कार्य गंभीरता से किया जाना जरूरी है ताकि आगामी चुनाव शुद्ध मतदाता सूची के आधार पर संपन्न हो सकें।
भाजपा नेताओं ने किसानों की स्थिति को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। पार्टी का आरोप है कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसान प्रभावित हुए हैं, जबकि सरकार द्वारा घोषित ₹3200 प्रति क्विंटल एमएसपी का दावा पूरी तरह विफल साबित हुआ है।
भाजपा ने किसानों की समस्याओं और स्थानीय मुद्दों को लेकर 15 मई से 20 मई तक राज्य के सभी प्रखंड कार्यालयों में एकदिवसीय धरना देने का निर्णय लिया है। पार्टी ने कहा कि इन कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं के साथ आम जनता की भी भागीदारी होगी।
बैठक में बाबूलाल मरांडी, नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, करमवीर सिंह, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, भानु प्रताप शाही, सुनील सोरेन समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

















