कोलकाता में सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर हंगामा

पश्चिम बंगाल में हाल ही में सत्ता परिवर्तन के बाद कोलकाता के राजाबाजार (Rajabazar) इलाके मे को शुक्रवार (जुमे) की नमाज के दौरान सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर तनाव और हंगामा हो गया। नई बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में सड़कों पर धार्मिक गतिविधियों (खासकर नमाज) पर रोक लगाने के आदेश के बाद यह पहला बड़ा टकराव देखने को मिला
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पिछले कई वर्षों से राजाबाजार समेत कोलकाता के कुछ इलाकों में मस्जिदों में जगह कम होने के कारण जुम्मे की नमाज सड़कों पर पढ़ी जाती रही है। इससे यातायात प्रभावित होता था, लेकिन पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के दौरान इसे सहन किया जाता था। नई सरकार ने सार्वजनिक व्यवस्था, यातायात और कानून के समान लागू होने पर जोर देते हुए इसे रोकने का फैसला लिया।
सरकार का आदेश
सत्ता संभालते ही शुभेंदु अधिकारी सरकार ने निर्देश जारी किए कि सड़कों पर कोई भी धार्मिक कार्यक्रम (नमाज, पूजा आदि) नहीं होगा। लाउडस्पीकर की आवाज मस्जिद/मंदिर परिसर से बाहर नहीं जानी चाहिए। बीजेपी विधायक अर्जुन सिंह ने स्पष्ट कहा कि नमाज मस्जिदों में पढ़ी जाए, सड़कों पर नहीं। कोलकाता की रेड रोड पर भी सालों से हो रही नमाज अब नहीं होगी।
15 मई 2026, राजाबाजार:
जुम्मे की नमाज के समय कुछ नमाजी सड़क पर इकट्ठा हुए। पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की। नमाजियों ने विरोध किया और नारेबाजी की (“सड़क पर ही पढ़ेंगे नमाज”)। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भारी तैनाती की। इलाके में हंगामा हुआ, लेकिन बड़े पैमाने पर हिंसा की खबर नहीं है।
नमाजियों का तर्क
मस्जिदों में जगह अपर्याप्त है, सालों से यही परंपरा रही है।
पुलिस/सरकार का पक्ष:
सड़क यातायात और आम जनजीवन के लिए है, धार्मिक गतिविधियां परिसर के अंदर होनी चाहिए।
समर्थन में: क्या बोले
बीजेपी और सरकार: यह सार्वजनिक व्यवस्था बहाल करने और सभी धर्मों पर समान कानून लागू करने का कदम है। अर्जुन सिंह ने कहा कि अदालती आदेशों का हवाला देकर इसे लागू किया जाएगा।

















