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सरसों की वैज्ञानीक खेती विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन.

लातेहार, मो०अरबाज़.

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लातेहार/बालूमाथ : सरसों अनुसंधान निदेशालय भरतपुर राजस्थान द्वारा संपोषित सरसों की वैज्ञानिक खेती विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र बालूमाथ में किया गया। जिसका उद्घाटन जिला के जिला कृषि पदाधिकारी रामा शंकर प्रसाद सिंह के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र चतरा के प्रधान एवं वरीय वैज्ञानिक डॉ संजय कुमार सिंह वैज्ञानिक धर्मावरम ने किसानों को धान एवं मक्का के फसल के बाद सरसों की खेती करने की सलाह दी डॉ संजय कुमार ने किसानों को कम पूंजी में सरसों की अच्छी खेती की जा सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा 40 हेक्टेयर भूभाग में आदिवासी विकास योजना के अंतर्गत 100 किसानों के बीच प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है।

इस प्रशिक्षण में किसानों को खाद बीज के अलावा छोटे-छोटे यंत्रों का भी प्रत्यक्षण किया जाना है किसानों को अच्छे खेती के लिए पुरस्कृत भी किया जाएगा। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान एवं वरीय वैज्ञानिक महेश चंद ने बतलाया कि राज्य के कुल 6 जिलों में यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है चतरा रांची लातेहार पूर्वी एवं पश्चिम सिंहभूम गुमला में आदिवासियों के बीच सरसों की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरसों अनुसंधान द्वारा विशेष योजना का कार्यक्रम चलाया गया है।

आगामी कार्यक्रम में कृषक गोष्ठी के माध्यम से जागरूकता चलाया जाएगा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ सुनीता कांड्या ने प्रशिक्षण के दौरान बतलाया कि यह योजना के लाभ होने से किसानों को भरतपुर राजस्थान भी ले जाया जाएगा कृषि वैज्ञानिक ब्रह्मदेव कुमार यादव ने किसानों को जल संचयन एवं सरसों की खेती में जल के प्रयोग के बारे में बताएं उप परियोजना निदेशक सप्तमी झा ने किसानों की राज सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना के बारे में बताया।

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