दिल्ली रवाना हुए पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, कांग्रेस पर साधा निशाना

रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Champai Soren शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले जनजातीय सांस्कृतिक समागम में शामिल होने के लिए रांची एयरपोर्ट से रवाना हुए। यह कार्यक्रम जनजातीय सुरक्षा मंच द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में आयोजित किया जा रहा है।
दिल्ली रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए चंपई सोरेन ने कहा कि जनजातीय सुरक्षा मंच द्वारा आयोजित इस सांस्कृतिक समागम से कुछ राजनीतिक दल असहज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की वर्तमान स्थिति के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है।
चंपई सोरेन ने आरोप लगाया कि देश आजाद होने के बाद आदिवासियों के हित में एक महत्वपूर्ण प्रावधान था, जिसे वर्ष 1960 में कांग्रेस पार्टी ने समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1967 में आदिवासियों की सुरक्षा के लिए डी-लिस्टिंग बिल लाने का प्रयास किया गया था, जिस पर 322 लोकसभा सांसदों और 26 राज्यसभा सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे। उनका दावा था कि यह बिल आदिवासियों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो सकता था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय सुरक्षा मंच का यह आयोजन आदिवासी समाज को अपनी पीड़ा, विचार और पहचान को देश के सामने रखने का अवसर देगा। उन्होंने कहा कि लाल किले जैसे ऐतिहासिक स्थल पर आदिवासी समाज का जुटान कुछ राजनीतिक दलों को परेशान कर रहा है, लेकिन आदिवासी समाज अब अपने अधिकारों और अस्तित्व की आवाज बुलंद करेगा।
दिल्ली में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

















