The Minister Brought a 'Telescope' to Spot Corruption

भृष्टाचार देखने ‘दूरबीन ले आये मंत्री जी । मंत्री इरफान अंसारी का गजबे अंदाज 

The Minister Brought a 'Telescope' to Spot Corruption

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रांची: झारखंड की राजनीति में बुधवार को एक अनोखा और नाटकीय नज़ारा देखने को मिला। राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर करारा तंज कसते हुए उन्हें स्वास्थ्य विभाग में हुए कथित भ्रष्टाचार को देखने के लिए दूरबीन लेकर पहुचे और कहा मुझे तो दूरबीन से भी देखने पर करप्शन नही दिख रहा है।

क्या है पूरा विवाद?

हाल ही में बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के परिसर में 251 एंबुलेंस धूल फांक रही हैं और उनका कोई उपयोग नहीं किया जा रहा है। मरांडी ने इसे सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बताया था।

मंत्री का ‘स्टंट’, विपक्ष पर निशाना

इन आरोपों का खंडन करते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक एक दूरबीन निकाली। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, बाबूलाल मरांडी जी को 251 एंबुलेंस कहीं नजर नहीं आ रही, तो मैं उन्हें यह दूरबीन भेज रहा हूं। वे इसे अपनी आंखों से लगाकर ढूंढें कि आखिर वे एंबुलेंस कहां खड़ी हैं।”मंत्री के इस अंदाज ने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों  में खासी चर्चा पैदा कर दी है।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

डॉ. अंसारी ने इसे महज राजनीतिक स्टंट बताते हुए बाबूलाल मरांडी को एक सप्ताह की मोहलत दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि विपक्ष अपने दावों को ठोस सबूतों के साथ साबित नहीं कर पाता है, तो वे मानहानि का मामला दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा, “विपक्ष को केवल भ्रम फैलाने की आदत है, जबकि हम धरातल पर काम कर रहे हैं।”

स्वास्थ्य विभाग का दावा: रैंकिंग में सुधार

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री ने अपने विभाग की उपलब्धियों का भी बखान किया। उन्होंने दावा किया कि:

झारखंड का स्वास्थ्य विभाग अब राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है।

सरकार का लक्ष्य इसे देश में प्रथम स्थान पर लाने का है।

सभी एंबुलेंस का उपयोग सुचारू रूप से किया जा रहा है और कोई भी वाहन बेकार नहीं खड़ा है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

इस घटना के बाद राज्य में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। जहां भाजपा इसे स्वास्थ्य विभाग की बदहाली छुपाने का एक तरीका बता रही है, वहीं सत्ता पक्ष इसे विपक्ष की ‘बेबुनियाद राजनीति’ करार दे रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस ‘दूरबीन वाली राजनीति’ की जमकर चर्चा हो रही है।

 

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now