आदित्यपुर नगर निगम में संवेदकों का फूटा गुस्सा: टेंडर प्रक्रिया में बदलाव और कमीशनखोरी पर रोक की मांग
नीरज तिवारी
आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम के अधिकृत संवेदकों (ठेकेदारों) का आक्रोश शनिवार को खुलकर सामने आया। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दर्जनों संवेदकों ने नगर निगम कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और डिप्टी मेयर को एक मांग पत्र सौंपा।
क्या है संवेदकों का आरोप?
प्रदर्शनकारी संवेदकों का कहना है कि वर्तमान टेंडर व्यवस्था में कई ऐसी व्यावहारिक बाधाएं हैं, जो स्थानीय और छोटे ठेकेदारों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है।
प्रमुख मांगें:
ऑफलाइन टेंडर की सुविधा: संवेदकों की प्रमुख मांग है कि 10 लाख रुपये तक की विकास योजनाओं के टेंडर ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन मोड में किए जाएं, ताकि स्थानीय स्तर पर काम करने वाले ठेकेदारों को भी समान अवसर मिल सकें।
स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता: उनका तर्क है कि स्थानीय संवेदक क्षेत्र की जरूरतों और जमीनी परिस्थितियों को बेहतर समझते हैं, जिससे कार्य का निष्पादन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकता है।
कमीशन पर रोक: संवेदकों ने टेंडर की अग्रधन राशि (Earnest Money) की वापसी में कथित तौर पर लिए जाने वाले 4 प्रतिशत कमीशन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उनका आरोप है कि इस अवैध वसूली से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
नगर निगम प्रशासन का पक्ष
इस पूरे मामले पर नगर निगम प्रशासक ने कहा कि संवेदकों द्वारा लगाए गए कमीशन के आरोपों का कोई आधार नहीं है और उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, “जब तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक दिशा-निर्देश नहीं आते, तब तक इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। हालांकि, संवेदकों की मांगों और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा।”
प्रदर्शनकारी संवेदकों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
जाहिर है की नगर निगम की कार्यप्रणाली पर संवेदकों द्वारा उठाए गए ये सवाल अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं।
इसे भी पढ़े : झारखंड क्रिकेट में नए युग का आगाज: पहली बार आयोजित हो रही ‘झारखंड प्रीमियर लीग’, खिलाड़ियों की नीलामी पूरी

















