श्रावण मेला 2026 की तैयारियां तेज, पहाड़ी मंदिर में सुरक्षा, स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था पर विशेष फोकस

रांची: श्रावण माह 2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में बताया गया कि इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा। 3, 10, 17 और 24 अगस्त को सोमवार पड़ने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और मूलभूत सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।
उपायुक्त ने श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अग्निशमन व्यवस्था, पेयजल, चलंत शौचालय, स्ट्रीट लाइट की मरम्मत और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर निगम को सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी कर समय पर कार्य पूरा करने को कहा गया।
स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि नाग पंचमी, पूर्णिमा और प्रत्येक सोमवार को मेडिकल टीम आवश्यक दवाओं और स्ट्रेचर के साथ तैनात रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक बैरिकेडिंग, पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन ने यह भी तय किया कि पुलिस, मेडिकल टीम और मजिस्ट्रेट की ड्यूटी में कम से कम एक घंटे का ओवरलैप रखा जाएगा, ताकि व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता न आए।
बिजली व्यवस्था को लेकर उपायुक्त ने गर्भगृह तक निर्बाध और सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। विद्युत विभाग को आयोजन शुरू होने से एक सप्ताह पहले सुरक्षा प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने तथा पूरे मेले के दौरान 24 घंटे कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।
श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए नामकुम स्थित स्वर्णरेखा नदी के पास सर्विस रोड और पहाड़ी मंदिर के आसपास के संपर्क मार्गों की मरम्मत कराए जाने का निर्देश दिया गया। साथ ही ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत करने और खुली नालियों को ढंकने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में श्रद्धालुओं के मार्गों से अतिक्रमण हटाने, प्लास्टिक उपयोग पर रोक लगाने और स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। बेहतर समन्वय और त्वरित संचार के लिए वॉकी-टॉकी सेट खरीदने पर भी सहमति बनी।
















