बोकारो में दुखों का पहाड़: दो बेटों की मौत के सदमे में पिता ने दी जान, रेलवे ट्रैक के पास मिला शव
बोकारो: जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र में एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। लगातार पारिवारिक हादसों और अपनों को खोने के गम से आहत एक पिता ने खुदकुशी कर ली। सुनता पंचायत के बड़ाटांड़ निवासी 50 वर्षीय संतोष कुंभकार का शव डुंगरीगोड़ा हटिया के पास रेलवे ट्रैक से करीब 100 मीटर की दूरी पर बरामद हुआ है।
लाइनमैन ने दी सूचना, पुलिस ने की शिनाख्त
बुधवार की शाम डुंगरीगोड़ा हटिया के पास रेलवे ट्रैक के समीप खून से लथपथ शव देखकर वहां तैनात लाइनमैन ने तुरंत रेलवे पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शुरुआती छानबीन में मृतक की पहचान बड़ाटांड़ निवासी संतोष कुंभकार के रूप में हुई।
क्या थी घटना की वजह?
ग्रामीणों और परिजनों ने बताया कि संतोष कुंभकार पिछले कुछ महीनों से भारी मानसिक तनाव और गहरे सदमे में थे। उनके परिवार पर दुखों का सिलसिला इस कदर टूटा था कि वे पूरी तरह टूट चुके थे:
1. छोटे बेटे का निधन: कुछ समय पहले ही इलाज के दौरान संतोष के छोटे बेटे की मौत हो गई थी, जिससे पूरा परिवार बिखर गया था।
2. पोते की मौत का वज्रपात: छोटे बेटे के गम से परिवार उभर भी नहीं पाया था कि 15 दिन पहले बड़े बेटे (उपमुखिया धीरेन कुंभकार) के घर शादी के नौ साल बाद संतान ने जन्म लिया। लेकिन, तमाम कोशिशों और लाखों खर्च करने के बाद भी नवजात को बचाया नहीं जा सका।
इन लगातार दो मौतों ने संतोष को मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया था। परिजनों का मानना है कि इसी अवसाद के कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
इस घटना से पूरे बड़ाटांड़ गांव और आसपास के क्षेत्रों में सन्नाटा पसरा हुआ है। उपमुखिया के परिवार पर आए इस संकट से स्थानीय लोग भी बेहद स्तब्ध हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चास अनुमंडल अस्पताल भेज दिया है। गुरुवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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