जमशेदपुर: मणिपाल हॉस्पिटल्स ने लोगों को सिखाया ‘जीवन बचाने का हुनर’, सीपीआर प्रशिक्षण सत्र का हुआ आयोजन

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Jamshedpur: CPR training session organized

नीरज तिवारी/ जमशेदपुर

जमशेदपुर, 11 जून : देश के अग्रणी स्वास्थ्य सेवा संस्थान, मणिपाल हॉस्पिटल्स टाटानगरिया ने जमशेदपुर में एक विशेष सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण और जन-जागरूकता सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को हृदय संबंधी आपात स्थितियों के प्रति जागरूक करना और उन्हें जीवनरक्षक तकनीकों में प्रशिक्षित करना था।

हृदय रोग: एक उभरती हुई बड़ी चुनौती

सत्र के दौरान मणिपाल हॉस्पिटल्स के प्रमुख विशेषज्ञों ने चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्ष 2023 में भारत में हुई कुल मौतों में से लगभग एक-तिहाई के लिए हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी रोग (CVD) जिम्मेदार थे। करीब 2.8 मिलियन लोगों की असमय मृत्यु ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।

डॉ. कौशिक मुखर्जी (सीनियर कंसल्टेंट – कार्डियोथोरेसिक सर्जरी) ने कहा, “कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट ‘गोल्डन पीरियड’ होते हैं। यदि आसपास मौजूद व्यक्ति को सीपीआर देना आता है, तो मरीज के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।”

सीपीआर है हर नागरिक का कौशल

डॉ. सुमंत चटर्जी (सीनियर कंसल्टेंट – कार्डियोलॉजी) ने जीवनशैली में बदलाव पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “बढ़ता तनाव, अनियमित खानपान, धूम्रपान और शारीरिक निष्क्रियता के कारण अब युवा भी हृदय रोगों की चपेट में आ रहे हैं। शुरुआती लक्षणों जैसे छाती में दर्द, सांस फूलने या अत्यधिक थकान को कभी नजरअंदाज न करें।”

डॉक्टरों ने इस बात पर जोर दिया कि सीपीआर केवल मेडिकल स्टाफ तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे स्कूलों, कॉलेजों और कार्यालयों में भी एक अनिवार्य कौशल के रूप में सिखाया जाना चाहिए।

व्यावहारिक प्रशिक्षण और मरीजों का अनुभव

कार्यक्रम के अंत में, विशेषज्ञों ने सीपीआर और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) का लाइव डेमो दिया। प्रतिभागियों को आपात स्थिति में मरीज की स्थिति का आकलन करने और सही तरीके से सीपीआर देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

इस अवसर पर अस्पताल में सफल कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्टिंग (CABG) करा चुके मरीज श्री काशी नाथ सिंह ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, “अस्पताल की टीम के समर्पण और गुणवत्तापूर्ण इलाज ने मुझे एक नया जीवन दिया है।”

बताया गया की मणिपाल हॉस्पिटल्स टाटानगरिया का उद्देश्य पूर्वी भारत के निवासियों को न केवल विश्वस्तरीय इलाज प्रदान करना है, बल्कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) के प्रति भी जागरूक करना है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में ऐसे जन-हितैषी कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे, ताकि एक जागरूक और सुरक्षित समाज का निर्माण किया जा सके।

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Drishti Now Desk

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