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रांची नगर निगम: पुराने जन्म प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे लोग, 1 जुलाई तक प्रक्रिया में ‘ब्रेक’

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रांची नगर निगम: पुराने जन्म प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे लोग, 1 जुलाई तक प्रक्रिया में 'ब्रेक'

रांची: अगर आप हाल के दिनों में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने या उसमें कोई सुधार कराने के लिए रांची नगर निगम के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। नगर निगम ने फिलहाल पुरानी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र प्रक्रिया पर ‘पॉज’ लगा दिया है। केंद्र सरकार के ‘सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम’ (CRS) पोर्टल में अचानक हुए तकनीकी बदलावों ने निगम के कामकाज को फिलहाल ठप कर दिया है।

क्यों बंद है आवेदन प्रक्रिया?

निगम अधिकारियों के मुताबिक, CRS पोर्टल के नए वर्जन में अचानक बदलाव किए गए हैं। बिना किसी पूर्व सूचना या स्टाफ को दिए गए तकनीकी प्रशिक्षण के लागू हुए इस अपडेट ने निगम की कार्यप्रणाली को असमंजस में डाल दिया है। आलम यह है कि जो लोग पासपोर्ट, स्कूल एडमिशन या सरकारी लाभ के लिए प्रमाण पत्र पाने की उम्मीद में आ रहे हैं, उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

1 जुलाई से फिर शुरू होगी प्रक्रिया, लेकिन बढ़ेगी चुनौती

रांची नगर निगम की एएमसी सह रजिस्ट्रार निहारिका तिर्की ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि फिलहाल नई व्यवस्था के तकनीकी पहलुओं को समझा जा रहा है। विभाग का लक्ष्य 1 जुलाई से आवेदन लेने की प्रक्रिया को दोबारा शुरू करना है। हालांकि, नई व्यवस्था के साथ आने वाली चुनौती यह है कि जिन प्रमाण पत्रों का डिजिटल रिकॉर्ड निगम के पास नहीं है, उनके वेरिफिकेशन के लिए आवेदकों को अब जिला सांख्यिकी पदाधिकारी (DSO) कार्यालय के अतिरिक्त चक्कर काटने पड़ सकते हैं।

टोकन मशीन खराब, डिस्प्ले बंद: व्यवस्था पर सवाल

सिर्फ ऑनलाइन पोर्टल ही नहीं, बल्कि निगम कार्यालय की भौतिक व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। जनसुविधा के लिए लगाया गया ‘टोकन सिस्टम’ फिलहाल ठप पड़ा है। मशीन खराब होने और इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड बंद रहने के कारण काउंटर के सामने लोगों की भीड़ लग रही है। कतार में खड़े लोगों को यह तक पता नहीं चल पा रहा है कि उनकी बारी कब आएगी।

क्या करें आम नागरिक?

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रमाण पत्रों का डेटा निगम के पास सुरक्षित है, उन्हें नई व्यवस्था में भी दिक्कत नहीं आएगी। लेकिन जिन पुराने आवेदनों का रिकॉर्ड डिजिटल नहीं है, उनके लिए सत्यापन प्रक्रिया लंबी और कठिन हो सकती है।

धैर्य रखें: यदि काम बहुत अधिक आपातकालीन (Emergency) नहीं है, तो 1 जुलाई तक इंतजार करना ही बेहतर है।

दस्तावेज तैयार रखें: सत्यापन की जटिलता को देखते हुए अपने पुराने रिकॉर्ड, प्रज्ञा केंद्र से मिली रसीदें और अन्य सहायक दस्तावेज अभी से फाइल कर लें।

निगम प्रशासन का कहना है कि वे इस नई प्रणाली को सुचारू बनाने के लिए लगातार संपर्क में हैं, ताकि 1 जुलाई से नागरिकों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

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