बांग्लादेश में भगवान राम की मूर्ति विवाद पर हिंदू समुदाय का उग्र प्रदर्शन, 72 घंटे का अल्टीमेटम

ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भगवान राम की प्रस्तावित विशाल प्रतिमा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रंगपुर में भगवान राम की सबसे ऊंची मूर्ति के निर्माण का विरोध कर रहे कट्टरपंथी इस्लामवादी समूहों द्वारा भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान के बाद देशभर में हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शुक्रवार को ढाका की सड़कों पर हजारों हिंदू श्रद्धालु और सामाजिक संगठनों के सदस्य मशाल जुलूस निकालते हुए उतरे। प्रदर्शनकारियों ने “जय श्री राम” के नारे लगाए और कथित अपमान के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार अब तक मामले में प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है। हिंदू संगठनों ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो देशभर में व्यापक आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।
हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों ने घोषणा की है कि शनिवार को धार्मिक मामलों के मंत्रालय को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मूर्ति निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने की मांग की जाएगी।
इस बीच, हिंदू महाजोट ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि रंगपुर में भगवान राम की प्रतिमा के निर्माण की अनुमति नहीं दी गई, तो संगठन बांग्लादेश के सभी 64 जिलों में क्रमिक रूप से राम मंदिरों के निर्माण का अभियान शुरू करेगा।
उधर, पूजा आयोजनों से जुड़ी राष्ट्रीय समिति ने भी देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। इसके चलते शनिवार को भी विभिन्न हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। बांग्लादेश में इस विवाद ने धार्मिक और सामाजिक माहौल को लेकर नई बहस छेड़ दी है, जबकि प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
















