Father day

फादर्स डे : पिता परिवार का मुखिया नही बल्कि वह विश्वास जो हर राह आसान कर देता है— कल्पना सोरेन का भावुक पोस्ट

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Father day

रांची: फादर्स डे महज एक दिन या तारीख नहीं, बल्कि उस निस्वार्थ प्रेम को पहचानने का अवसर है जो एक पिता अपने पूरे जीवनकाल में अपनी संतान के लिए न्योछावर करता है। इस विशेष अवसर पर झारखंड की बहू कल्पना सोरेन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए पिताओं के प्रति एक बेहद संवेदनशील और हृदयस्पर्शी संदेश साझा किया है, जो पिता और बच्चों के उस अनमोल रिश्ते की गहराई को दर्शाता है जिसे शब्दों में पिरोना कठिन है।

सफलता के पीछे का अनकहा संघर्ष

कल्पना सोरेन ने अपने संदेश में उस ‘मौन संघर्ष’ का उल्लेख किया है, जिसे अक्सर परिवार की भागदौड़ में हम अनदेखा कर देते हैं। उनके पोस्ट को अगर हम समझना चाहें तो यह समझ आता है की एक पिता का जीवन अपने स्वयं के सुखों से ऊपर उठकर परिवार की जरूरतों को प्राथमिकता देने का नाम है।  पिता वह धुरी हैं, जिसके चारों ओर पूरे परिवार का भविष्य और खुशियाँ सुरक्षित रहती हैं। बिना किसी शिकायत के, बिना थके और बिना रुके, एक पिता जिस तरह अपने बच्चों के बेहतर भविष्य का निर्माण करता है, वह वास्तव में प्रेरणादायक है।

कठिन राहों का ‘अटूट विश्वास’

उन्होंने पिता को विश्वास से जोड़ा है कल्पना सोरेन ने पिता को केवल एक अभिभावक के तौर पर नहीं, बल्कि एक ‘अटूट विश्वास’ के रूप में परिभाषित किया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जब जीवन में स्थितियाँ प्रतिकूल होती हैं और रास्ते धुंधले पड़ने लगते हैं, तब पिता की उपस्थिति ही वह मशाल है जो रास्ते को आसान बना देती है। उनका अनुभव और उनका मार्गदर्शन, परिवार को एक मजबूत नींव प्रदान करता है, जिस पर बच्चे अपने सपनों का महल खड़ा कर पाते हैं।

चुनौतियों के दौर में पिता ही ‘सबसे बड़ी ढाल’

वो लिखती है जीवन की हर चुनौती में उनका (पिता का)  अनुभव और मार्गदर्शन हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
यानी अपने संदेश के एक बेहद भावुक हिस्से में उन्होंने पिता के साये की तुलना एक घनी और सुकून भरी छांव से की है। यानी उन्होंने कहा कि पिता का अस्तित्व ही वह सुरक्षा कवच है जो हमें बाहरी दुनिया की हर चुनौती से लड़ने की ताकत देता है। जब भी परिवार पर कोई मुश्किल घड़ी आती है, पिता का साथ ही वह संबल होता है जो बच्चों को हिम्मत हारने नहीं देता।

सम्मान और कृतज्ञता का दिन

कल्पना सोरेन का यह संदेश केवल उन पिताओं के लिए नहीं है जो हमारे सामने हैं, बल्कि उन सभी पिताओं के लिए है जिन्होंने अपने बच्चों की मुस्कान के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया। उनके ये शब्द समाज को यह याद दिलाने के लिए काफी हैं कि पिता का प्रेम अक्सर शांत होता है, लेकिन उसका प्रभाव पूरे जीवन को बदलने वाला होता है।

इस संदेश ने न केवल आम लोगों के दिलों को छुआ है, बल्कि यह भी संदेश दिया है कि अपने व्यस्त जीवन में से कुछ पल निकालकर अपने पिता के प्रति आभार जताना कितना जरूरी है।

 

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