JPSC Reform Manch के X हैंडल पर पुलिस की नजर, X Corp से मांगी अकाउंट संचालक की जानकारी
रांची। झारखंड में छात्र आंदोलनों और सरकार से जुड़े मुद्दों पर सोशल मीडिया पर सक्रिय @JPSCreformanch (JPSC JSSC REFORM MANCH) X हैंडल अब पुलिस जांच के दायरे में है। रांची साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने अकाउंट के संचालक की पहचान और तकनीकी जानकारी हासिल करने के लिए X Corp को नोटिस भेजा है। यह नोटिस 22 अगस्त 2026 को जारी किया गया है।
नोटिस के अनुसार, यह कार्रवाई कोतवाली थाना, रांची कांड संख्या 183/2026, दिनांक 21 अगस्त 2026 के संदर्भ में की गई है। मामले में BNS की धारा 191(8), 191(3), 190, 115(2), 117(2), 109 और 352 का उल्लेख है। वहीं X Corp को भेजे गए नोटिस में अलग-अलग सोशल मीडिया कंटेंट के संबंध में BNS की धारा 353, 196, 356 और IT Act की धारा 67 का भी उल्लेख किया गया है।

पुलिस का आरोप है कि संबंधित X अकाउंट से झारखंड सरकार की कार्रवाई और अन्य संवेदनशील मुद्दों को लेकर कथित रूप से गलत एवं भ्रामक सूचनाएं, वीडियो और तस्वीरें प्रसारित की जा रही थीं। नोटिस में पुलिस ने कुछ विशेष पोस्ट को जांच का आधार बनाया है।
पहले पोस्ट में हेमंत सोरेन और छात्रों को लेकर दावा
नोटिस की पहली प्रविष्टि में BNS की धारा 353 का उल्लेख है। पुलिस ने जिस पोस्ट पर आपत्ति जताई है, उसमें “झारखंड के छात्रों के साथ हेमंत सोरेन ने धोखा किया” जैसे दावे का उल्लेख किया गया है।
नोटिस के अनुसार, इस पोस्ट के साथ एक वीडियो भी प्रसारित किया गया था, जिसे पुलिस ने कथित रूप से डॉक्टर्ड वीडियो बताया है। नोटिस में वीडियो के साथ “JMM के गुंडे धोखा दे रहा है” जैसे शब्दों का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस ने इसे ऐसा कंटेंट बताया है जिससे सार्वजनिक भय और अशांति पैदा होने की आशंका हो सकती है।

JPSC Reform Manch के पोस्ट में पुलिस कार्रवाई पर सवाल
पोस्ट को नोटिस में BNS की धारा 196 के तहत रखा गया है। पुलिस के मुताबिक, इस पोस्ट में पुलिस की कथित बर्बरता और सरकारी कार्रवाई को लेकर आरोप लगाए गए हैं।
नोटिस में कहा गया है कि पोस्ट के जरिए अधिकारियों और आम लोगों को कथित तौर पर यह विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि राज्य सरकार उनके हितों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
एक पोस्ट में आदिवासियों और सरकार को लेकर टिप्पणी
एक पोस्ट को नोटिस में BNS की धारा 356 (Defamation) के संदर्भ में शामिल किया गया है। पुलिस ने पोस्ट में की गई टिप्पणी को सरकार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला कथित बयान बताया है।
नोटिस में इस पोस्ट के कंटेंट की शुरुआत “आदिवासी राज्य में सरकार…” के रूप में दर्ज है। पुलिस के अनुसार, पोस्ट में यह आरोप लगाया गया कि आदिवासी बहुल राज्य में सरकार आदिवासियों का इस्तेमाल कर रही है। पुलिस ने इसे सरकार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला कथित मानहानिकारक कंटेंट बताया है।

अकाउंट पर अभद्र भाषा और वीडियो प्रसारित करने का भी आरोप
नोटिस में IT Act की धारा 67 का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि संबंधित अकाउंट से संवैधानिक अधिकारियों के खिलाफ कथित रूप से अभद्र एवं अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया और ऐसे वीडियो प्रसारित किए गए, जिनसे सामाजिक तनाव और बदनामी फैलने की आशंका बताई गई है।
हालांकि, नोटिस में इन बातों को पुलिस की जांच के दौरान लगाए गए आरोपों और आपत्तियों के रूप में दर्ज किया गया है। इससे यह नहीं माना जा सकता कि संबंधित आरोप न्यायिक रूप से सिद्ध हो चुके हैं।
X Corp से मांगी गई अकाउंट की पूरी जानकारी
जांच में अकाउंट संचालक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए साइबर पुलिस ने X Corp के Safety-Legal Policy विभाग से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी हैं।
पुलिस ने मुख्य रूप से—
अकाउंट धारक का पूरा नाम, आवासीय पता, मोबाइल नंबर और वैकल्पिक ई-मेल आईडी;
अकाउंट के लॉग-इन और लॉग-आउट रिकॉर्ड, सटीक तारीख और समय तथा IP एड्रेस;
अकाउंट एक्सेस करने वाले उपकरणों की जानकारी, जिसमें उपलब्ध होने पर मेक, मॉडल और IMEI नंबर उपलब्ध कराने को कहा है।
नोटिस में अकाउंट एक्टिविटी के लिए 10 अगस्त 2026 और उससे पहले के एक सप्ताह की अवधि का उल्लेख किया गया है।
BNSS की धारा 94 के तहत जारी हुआ नोटिस
नोटिस का शीर्षक “Notice under section 94 of BNSS, 2023” है। इसमें जांच के दौरान आवश्यक जानकारी हासिल करने के लिए कानूनी प्रावधान का हवाला दिया गया है। दस्तावेज पर रांची के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की ओर से डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (Dy.SP), रांची का प्रमाणीकरण दर्ज है।
पत्र के मुताबिक पुलिस का उद्देश्य संबंधित X हैंडल के पीछे मौजूद व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान करना और सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े मामले में तकनीकी साक्ष्य जुटाना बताया गया है।
नोट : दृष्टि नाउ इस पत्र के सही होने का दावा नही करता है यह सोशल मीडिया पर वॉयरल है..


















