झारखंड के वृद्ध, बीमार और दिव्यांग कलाकारों को मिलेगी ₹4,000 मासिक पेंशन, आवेदन शुरू

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में झारखंड सरकार ने राज्य के वृद्ध, गंभीर रूप से बीमार एवं स्थायी रूप से दिव्यांग कलाकारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने “मासिक निवृत्तिका (कलाकार पेंशन) योजना” को स्वीकृति प्रदान करते हुए पात्र कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। योजना के तहत चयनित कलाकारों को प्रतिमाह ₹4,000 की सम्मान राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से उनके आधार-संबद्ध बैंक खातों में उपलब्ध कराई जाएगी।
कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के निदेशक आसिफ एकराम ने बताया कि यह योजना उम्र, गंभीर बीमारी अथवा स्थायी दिव्यांगता के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे कलाकारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल कलाकारों के जीवनपर्यंत योगदान के प्रति राज्य सरकार के सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
– पात्र कलाकारों को ₹4,000 प्रतिमाह आर्थिक सहायता।
– डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में राशि हस्तांतरण।
– कलाकारों के योगदान को सम्मान देने और आर्थिक संबल प्रदान करने का उद्देश्य।
– सरल एवं पारदर्शी आवेदन प्रक्रिया।
कौन कर सकते हैं आवेदन
झारखंड के मूल निवासी वृद्ध, गंभीर रूप से बीमार एवं स्थायी रूप से दिव्यांग कलाकार आवेदन कर सकते हैं। संगीत, नृत्य, रंगमंच, लोककला, चित्रकला, मूर्तिकला सहित विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं से जुड़े कलाकार इस योजना के लिए पात्र होंगे।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन प्रपत्र, आयु प्रमाण-पत्र, वार्षिक आय प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, कला क्षेत्र में उपलब्धियों एवं सम्मान से संबंधित प्रमाण-पत्र तथा गंभीर बीमारी या दिव्यांगता की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी चिकित्सा अथवा दिव्यांगता प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।
31 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन
योजना संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश और आवेदन प्रपत्र विभागीय वेबसाइट www.jharkhandculture.com पर उपलब्ध हैं। आवेदन प्रपत्र डाउनलोड कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ सांस्कृतिक कार्य निदेशालय, रांची में जमा किया जा सकता है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।यह कॉपी समाचार पोर्टल/वेबसाइट प्रकाशन के लिए उपयुक्त है।

















