जमशेदपुर: क्लासरूम में बंदूक लेकर पहुंचा छात्र, रील बनाने के चक्कर में खुला राज; कॉलेज में हड़कंप

नीरज तिवारी /जमशेदपुर
जमशेदपुर: शिक्षा के मंदिर में एक बेहद ही गंभीर और डराने वाली घटना सामने आई है। जमशेदपुर के श्यामा प्रसाद इंटर कॉलेज में 12वीं कक्षा का एक छात्र अपनी स्कूल बैग में किताब-कॉपी की जगह बंदूक और जिंदा कारतूस लेकर पहुंच गया। हद तो तब हो गई जब क्लासरूम के अंदर ही उसके दोस्तों ने उस हथियार के साथ रील (वीडियो) बनाई और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही कॉलेज प्रशासन और पूरे शहर में हड़कंप मच गया।
मारपीट के बाद अपनी ‘धमक’ जमाने की थी कोशिश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीते दिनों कॉलेज में छात्रों के बीच आपसी मारपीट हुई थी। इसी का बदला लेने और कॉलेज में अपनी धाक जमाने के लिए आरोपी छात्र हिमांशु ने यह खतरनाक कदम उठाया। वह हथियार लेकर क्लासरूम में दाखिल हुआ और पीछे की बेंच पर बैठकर दोस्तों के साथ वीडियो बनवाए।
प्रिंसिपल की जांच में हुआ खुलासा
वीडियो वायरल होने के बाद जब मामला मीडिया तक पहुंचा, तब जाकर कॉलेज प्रबंधन हरकत में आया। प्रिंसिपल ने कड़ी सख्ती दिखाते हुए सभी कक्षाओं के छात्रों से नाम पूछे और पूरी क्लास को सस्पेंड करने की चेतावनी दी, जिसके बाद तीनों छात्रों (हिमांशु, प्रेम और हर्ष मिश्रा) की पहचान उजागर हुई।
कॉलेज प्रबंधन ने पुष्टि की है कि हिमांशु ने हथियार लाने की बात स्वीकार कर ली है। वहीं, आरोपी छात्र का कहना है कि उसे किसी ने बैग में बंदूक रखने को कहा था और अगले दिन उस व्यक्ति ने स्कूल के बाहर आकर उसे ले लिया।
पुलिस को नहीं दी सूचना, निष्कासित किए गए छात्र
प्रिंसिपल एस.सी. महतो ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन ने तीनों छात्रों को कॉलेज से निष्कासित (सस्पेंड) कर दिया है और उनके अभिभावकों को बुलाकर टीसी (TC) देने का निर्णय लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि कॉलेज ने इस मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं दी है। प्रिंसिपल का तर्क है कि यदि छात्र पुलिस के पास जाते हैं, तो उनका भविष्य खराब हो जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने पूरे कॉलेज परिसर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। छात्रों के बीच डर का आलम यह है कि कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। सवाल यह उठता है कि क्या स्कूल-कॉलेज में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है? क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा?
जाहिर हैं की हथियारों का इतनी आसानी से छात्रों के हाथ तक पहुंचना स्थानीय कानून व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल, कॉलेज प्रशासन ने अपनी ओर से छात्रों को निष्कासित कर मामले को दबाने की कोशिश की है, लेकिन सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या केवल कॉलेज से निकाल देना ही काफी है? क्या बच्चे का भविष्य कैसे सुधरे इस पर भी ध्यान देना होगा की आख़िर ऐसे बच्चे को सही राह पर कैसे लाया जाए।
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