Ramgarh Police's new initiative: Portal launched for digital surveillance of criminals; 36-member CP&DW formed.

रामगढ़ पुलिस की नई पहल: अपराधियों की डिजिटल निगरानी के लिए पोर्टल लॉन्च, 36 सदस्यीय CP&DW का गठन

Ramgarh Police's new initiative: Portal launched for digital surveillance of criminals; 36-member CP&DW formed.
Ramgarh Police’s new initiative: Portal launched for digital surveillance of criminals; 36-member CP&DW formed.

रामगढ़: अपराध नियंत्रण और सक्रिय अपराधियों पर प्रभावी निगरानी के लिए रामगढ़ पुलिस ने तकनीक आधारित बड़ी पहल की है। पुलिस ने 36 सदस्यीय “क्राइम प्रिवेंशन एंड डिटेक्शन विंग (CP&DW)” का गठन किया है। साथ ही आरोपित अपराधियों की डिजिटल प्रोफाइलिंग और निगरानी के लिए डिजिटल क्रिमिनल मॉनिटरिंग पोर्टल विकसित किया गया है।

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पुलिस के अनुसार, जिले में हत्या, रंगदारी, डकैती, लूट, चोरी, वाहन चोरी, एनडीपीएस, अवैध हथियार, अवैध शराब और अन्य गंभीर मामलों में 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक आरोपपत्रित 1,971 अपराधियों का डेटा तैयार किया गया है। इनमें 1,374 रामगढ़ के, 458 अन्य जिलों के और 139 अन्य राज्यों के अपराधी शामिल हैं।

नवगठित विंग में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, जिले के सभी पुलिस निरीक्षक, थाना एवं ओपी प्रभारी सहित प्रत्येक थाना से नामित पदाधिकारी शामिल किए गए हैं। यह विंग पुलिस अधीक्षक के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में कार्य करेगा और इसकी नियमित समीक्षा भी की जाएगी।

रामगढ़ पुलिस ने अपराधियों के डुअल क्रिमिनल वेरिफिकेशन की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए विशेष पोर्टल विकसित किया है। सत्यापन के बाद प्रत्येक आरोपित की डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जाएगी, जिसमें उसका आपराधिक इतिहास, वर्तमान पता, सत्यापन रिपोर्ट और अपराध करने के तरीके (Modus Operandi) जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां सुरक्षित रखी जाएंगी।

पुलिस का कहना है कि यह पोर्टल भविष्य में अपराधों के त्वरित खुलासे, सक्रिय अपराधियों की पहचान, अंतर-थाना समन्वय और अनुसंधान को अधिक प्रभावी बनाएगा। इसके अलावा जेल से जमानत पर छूटे अपराधियों की नियमित निगरानी और सत्यापन भी इसी व्यवस्था के माध्यम से किया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को आरोपित अपराधियों की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार डोजियर, निगरानी प्रस्ताव, जमानत निरस्तीकरण, पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई तथा गुंडा बही एवं गिरोह पंजी में प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही आम लोगों से भी अपराध एवं अपराधियों से जुड़ी सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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