जमशेदपुर बंद के संदेश को आत्मसात करें, स्वस्थ राजनीति की दिशा में बढ़ें: सरयू राय

नीरज तिवारी /जमशेदपुर
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने शहर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के विरोध में शनिवार को हुए स्वतःस्फूर्त जमशेदपुर बंद को जनता की मजबूत आवाज बताते हुए इसे ऐतिहासिक जनसमर्थन मिलने पर शहरवासियों का आभार जताया। उन्होंने बंद को सफल बनाने में सहयोग देने वाले एनडीए और विभिन्न सामाजिक संगठनों के नागरिकों को भी बधाई दी।
जारी बयान में सरयू राय ने विशेष रूप से एनडीए, खासकर जदयू कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे स्वतःस्फूर्त बंद से मिले जनसंदेश को गंभीरता से लें और इसके आधार पर भविष्य की स्वस्थ एवं सिद्धांतपरक राजनीति की दिशा तय करें।
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उन्होंने कहा कि शहर की आम जनता अपराध, छिनतई, चोरी और चापड़बाजी जैसी घटनाओं से परेशान है। इसके साथ ही भ्रष्टाचार, महंगाई और लफंगई की राजनीति से भी लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ऐसे समय में राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे संकीर्ण स्वार्थ और गंदी प्रतिस्पर्धा की राजनीति से ऊपर उठकर जनहित और सिद्धांतों पर आधारित राजनीति करें।
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सरयू राय ने कहा कि देश के पास महात्मा गांधी, राम मनोहर लोहिया, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और लोकनायक जयप्रकाश नारायण जैसी महान विभूतियों की वैचारिक धरोहर है, लेकिन पिछले कुछ दशकों में इन मूल्यों से राजनीति दूर होती गई है। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर बंद से निकला जनसंदेश इन्हीं वैचारिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने राजनीतिक कार्यकर्ताओं से “नैतिक राजनीति बनाम राजनीतिक रणनीति” के अंतर को समझने और इसे समाज तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि इसी आधार पर नए समर्थक और कार्यकर्ता तैयार किए जाएं। सरयू राय ने कहा कि जनता बदलाव के लिए तैयार है, अब राजनीतिक नेतृत्व को भी उसी दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

















