मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन दिल्ली में पेश करेंगे झारखंड का डिजिटल रोडमैप, एआई मिशन और आईटी पार्क पर रहेगा फोकस

रांची: झारखंड सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल गवर्नेंस और आईटी निवेश के क्षेत्र में राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन राज्य का डिजिटल रोडमैप प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान झारखंड की आईटी, आईटीईएस, एआई और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़ी विकास रणनीति देश-विदेश की प्रमुख टेक कंपनियों और नीति-निर्माताओं के सामने रखी जाएगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कार्यक्रम में लगभग 100 अग्रणी टेक और आईटी कंपनियों के प्रतिनिधि तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य झारखंड को डिजिटल नवाचार, एआई आधारित सुशासन और आईटी निवेश के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना है।
रांची आईटी पार्क को निवेश परियोजना के रूप में किया जाएगा प्रस्तुत
कंसल्टेशन के दौरान पहली बार रांची आईटी पार्क को राष्ट्रीय स्तर पर निवेश प्रस्ताव के रूप में पेश किया जाएगा। करीब 100.97 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह पार्क राजधानी के कोर कैपिटल एरिया में स्थित होगा। इसकी निकटता आईआईएम रांची और बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से होने के कारण बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
राज्य सरकार निवेशकों के सामने झारखंड आईटी नीति-2023 के तहत मिलने वाले प्रोत्साहनों का भी उल्लेख करेगी। इनमें 50 प्रतिशत पूंजीगत निवेश प्रतिपूर्ति, 100 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क छूट और 100 प्रतिशत बिजली शुल्क छूट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सरकार का दावा है कि राज्य में हर वर्ष 20 हजार से अधिक आईटी स्नातक उपलब्ध हो रहे हैं।
ड्राफ्ट एआई पॉलिसी-2026 पर होगा मंथन
कार्यक्रम के दौरान ड्राफ्ट एआई पॉलिसी-2026 भी प्रमुख हितधारकों के समक्ष रखी जाएगी। वर्ष 2026-2031 के लिए प्रस्तावित इस नीति में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्टेट एआई मिशन के गठन, JAP-IT को नोडल एजेंसी बनाने तथा IndiaAI के साथ इंटरऑपरेबल झारखंड एआई क्लाउड विकसित करने का प्रस्ताव शामिल है।
नीति के तहत विभिन्न सरकारी विभागों में एआई आधारित समाधान लागू कर प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की योजना है।
सुशासन के लिए एआई का होगा उपयोग
राज्य सरकार की एआई रणनीति सुशासन, कृषि एवं ग्रामीण आजीविका, स्वास्थ्य और खनिज संसाधन प्रशासन जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री कंसल्टेशन में मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP) की अवधारणा भी प्रस्तुत करेंगे। यह एआई आधारित प्लेटफॉर्म विभिन्न विभागों के डेटा को एकीकृत कर योजनाओं की निगरानी, निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने और व्हाट्सएप व पंचायत भवनों में स्थापित डिजिटल कियोस्क के माध्यम से स्थानीय भाषाओं में नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक होगा।
इसके साथ ही एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की अवधारणा भी साझा की जाएगी, जिससे राज्य में डिजिटल प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में पहल की जाएगी।















