चतरा जिला में प्रधानमंत्री आवास योजना का बुरा हाल.

चतरा, संजय.

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चतरा : गरीबों को पक्का मकान मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री योजना सरकार द्वारा चलाया गया, लेकिन जिले के कुछ कर्मी और अधिकारी के कारण बरसों बीतने के बाद भी दर्जनों लाभुकों प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इनके मकान बनाने का काम तो शुरू हुआ, लेकिन आधा अधूरा ही पड़ा हुआ है। बुनियादी सुविधाओं की आस में कई लाभुक अधूरे आवास में तो कई पड़ोसी के घर में रहने को मजबूर हैं। अधिकारियों की संवेदनहीनता का ही नतीजा है कि कई अधूरे प्रधानमंत्री आवास में भेड़, बकरी और गाय रह रहे हैं। यह सब उस राज्य में हो रहा है, जिस राज्य की सरकार की नींव प्रदेश के लोगों को राज्य में बदलाव का सपना दिखाकर रखी गई है।

चतरा जिला में प्रधानमंत्री आवास योजना का बुरा हाल.

अधिकारी और कर्मियों की लेटलतीफी और योजना को पूरा करने में बरती गयी लापरवाही ही एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। इसके चलते फेज 1 से अब तक जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्य को शत प्रतिशत हासिल नहीं किया जा सका है। लाभुक सीधे तौर पर कर्मी और अधिकारियों की मनमानी नीति को दोषी करार दे रहे हैं। इस योजना के शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं किए जाने को लेकर सरकारी अमले और पंचायत प्रतिनिधि अपनी-अपनी डफली बजा रहे हैं। जबकि परेशान है कोई तो इस योजना के वैसे गरीब जिनके मिट्टी के मकान और झोपड़ी हैं। इनका पक्का मकान बनना था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पहले फेज में वित्तीय साल 2016-17 से 2018-19 तक 26 हजार 715 पीएम आवास की स्वीकृति दी गयी है। जबकि अब तक सिर्फ 25 हजार 68 आवास ही पूरे हुए हैं। फेज 1 के 16 सौ 47 आवास आज तक पूरे नहीं हो पाए हैं। इतना ही नहीं फेज 2 साल 2019-20 में 15 हजार 27 आवास का लक्ष्य रखा गया और 10 हजार 3 का काम पूरा हुआ। 5 हजार 24 पीएम आवास अब तक पूरा नहीं हो पाया है।

चतरा जिला में प्रधानमंत्री आवास योजना का बुरा हाल.

वित्तीय साल 2020-21 में कुल 25 हजार 26 आवास बनाने का लक्ष्य जिले में निर्धारित किया गया है और 16 हजार 712 आवास निर्माण की स्वीकृति दी गयी, जिस पर काम चल रहा है। फेज 1 और 2 में स्वीकृत पीएम आवास योजनाएं पूर्ण नहीं होने को लेकर जब डीडीसी सुनील कुमार सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कई पीएम आवास योजना के लाभुक राशि मिलने के बाद भी राशि अन्य कार्यो में खर्च कर दिए है तो कहीं वन भूमि पर आवास बना दिया गया है। वहीं, कई लाभुक की मौत हो गयी, जिस कारण कुछ योजनाएं लंबित है। डीडीसी ने कहा कि जिले के सभी प्रखंडों के बीडीओ को मॉनिटरिंग करने और जल्द अधूरे आवासों को पूरा का कराने का निर्देश दिया गया है।

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