मालसाड़ा की माँ वनदुर्गा स्थल को ‘आस्था का केंद्र’ घोषित करने की मांग, डीसी के नाम सौंपा ज्ञापन

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: बोलबा प्रखंड के मालसाड़ा स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के माँ वनदुर्गा स्थल को आधिकारिक रूप से आस्था का केंद्र (पूजा स्थल/तीर्थ स्थल) घोषित करने की मांग को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान 100 से अधिक ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे।
माँ वनदुर्गा पूजा समिति की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि यह स्थल वर्षों से क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए पहुंचते हैं तथा समय-समय पर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया जाता है।
समिति ने बताया कि माँ वनदुर्गा स्थल केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के रूप में भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में इसकी पहचान और गरिमा बनाए रखने के लिए इसे प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक मान्यता मिलनी चाहिए।

ज्ञापन में जिला प्रशासन से मांग की गई कि स्थल के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को देखते हुए इसे आस्था का केंद्र घोषित किया जाए। साथ ही इसके संरक्षण, विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए योजनाबद्ध तरीके से आवश्यक कार्य शुरू किए जाएं।
ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन यदि इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेता है तो क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण मिलेगा, साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संजय मिश्रा, अरुण रौतिया, केसरी रौतिया, ललन रौतिया, जगरनाथ रौतिया, रूपलाल रौतिया, गोवर्धन रौतिया, कौशल राज सिंह देव, विनोद बड़ाइक, नीलांबर महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।














