Former Minister Mannan Mallick laid to rest with state honors; massive crowd gathers at Shamsher Nagar graveyard.

राजकीय सम्मान के साथ पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक सुपुर्द-ए-खाक, शमशेर नगर कब्रिस्तान में उमड़ा जनसैलाब

Former Minister Mannan Mallick laid to rest with state honors; massive crowd gathers at Shamsher Nagar graveyard.
Former Minister Mannan Mallick laid to rest with state honors; massive crowd gathers at Shamsher Nagar graveyard.

धनबाद: झारखंड के पूर्व मंत्री एवं धनबाद की राजनीति के वरिष्ठ नेता मन्नान मल्लिक को बुधवार को वासेपुर स्थित शमशेर नगर कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके अंतिम संस्कार में राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र की बड़ी हस्तियों के साथ-साथ हजारों की संख्या में आम लोग शामिल हुए। नम आंखों से लोगों ने अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी।

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मन्नान मल्लिक के निधन से धनबाद समेत पूरे झारखंड में शोक की लहर है। बुधवार को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां कांग्रेस नेताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

इसके बाद निकली अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। वासेपुर के शमशेर नगर कब्रिस्तान में उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। प्रशासन की ओर से उन्हें सम्मान दिया गया, जबकि विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके जनसेवा और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।

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करीब पांच दशक तक सक्रिय राजनीति में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले मन्नान मल्लिक ने जनहित के मुद्दों को लेकर कई आंदोलन किए और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे अपनी सादगी, मिलनसार स्वभाव और जनता से जुड़े रहने के लिए जाने जाते थे।

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि मन्नान मल्लिक का राजनीतिक और सामाजिक योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन से धनबाद ने एक ऐसे जननेता को खो दिया है, जिन्होंने जीवनभर जनता की आवाज को मजबूती से उठाया और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए संघर्ष किया।

मन्नान मल्लिक के अंतिम दर्शन और जनाजे में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि जनता के दिलों में बसने वाले लोकप्रिय जननेता थे। उनके निधन से झारखंड की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है।

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