पांच माह से वेतन नहीं मिलने पर एमजीएम अस्पताल में फूट-फूटकर रो पड़ी महिला होमगार्ड, बोलीं- “हमको पैसा दिलवा दीजिए, नहीं तो हम मर जाएंगे

नीरज तिवारी / जमशेदपुर
जमशेदपुर: एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शनिवार को एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई। अस्पताल में तैनात एक महिला होमगार्ड कथित तौर पर पिछले पांच माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण ड्यूटी के दौरान ही फूट-फूटकर रो पड़ीं। आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारी से जूझ रही महिला ने सहकर्मियों से गुहार लगाते हुए कहा, हमको पैसा दिलवा दीजिए, नहीं तो हम मर जाएंगे।

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह महिला को पता चला कि अगले सप्ताह भी बकाया मानदेय मिलने की संभावना नहीं है। यह सुनते ही वह भावुक हो गईं और अपनी आर्थिक परेशानियां बताते हुए रोने लगीं। मौके पर मौजूद अन्य होमगार्ड जवानों ने उन्हें संभाला और काफी देर तक समझाकर शांत कराया।
महिला ने बताया कि वह पिछले कई महीनों से रीढ़ के पास गंभीर दर्द से पीड़ित हैं। विभिन्न सरकारी अस्पतालों में इलाज के बाद भी राहत नहीं मिलने पर वह पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में उपचार करा रही हैं। चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह इलाज नहीं करा पा रही हैं। बोड़ाम थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला का कहना है कि महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल्द बकाया भुगतान कराने की मांग की है।
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इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सहकर्मियों ने महिला को अस्पताल के पूछताछ केंद्र में बैठाकर सांत्वना दी और उनका हौसला बढ़ाया। गौरतलब है कि हाल के दिनों में मानदेय भुगतान में देरी को लेकर होमगार्ड जवानों की परेशानियां लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में समय पर भुगतान की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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