Allegations of irregularities in JPSC; BJYM announces plans to lay siege on July 22.

JPSC में अनियमितताओं का आरोप, भाजयुमो ने 22 जुलाई को घेराव का किया ऐलान

Allegations of irregularities in JPSC; BJYM announces plans to lay siege on July 22.
Allegations of irregularities in JPSC; BJYM announces plans to lay siege on July 22.

रांची: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने शनिवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि JPSC में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है तथा आयोग कथित रूप से “रोजगार देने वाला नहीं, बल्कि रोजगार का व्यापार करने वाला संस्थान” बन गया है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

शशांक राज ने हाल ही में जारी JPSC परीक्षा परिणामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिणाम में आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे। उन्होंने पूछा कि जब तीन सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे तो परिणाम किस नियम और अधिकार के तहत जारी किया गया।

उन्होंने बताया कि भाजयुमो 20 जुलाई को राज्यभर में सोशल मीडिया अभियान चलाएगी। इसके बाद 21 जुलाई को झारखंड के विभिन्न जिलों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा और 22 जुलाई को “चलो JPSC घेरते हैं” अभियान के तहत जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से JPSC कार्यालय तक मार्च कर घेराव किया जाएगा। इस दौरान “JPSC सफाई अभियान” भी चलाया जाएगा।

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि आयोग सूचना का अधिकार (RTI) के तहत अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन नहीं कराता और न ही उत्तर पुस्तिकाएं सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड की जाती हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा का कट-ऑफ भी सार्वजनिक नहीं किया जाता, जिससे चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।

RKDF
Adv

उन्होंने यह भी कहा कि JPSC अक्सर देर रात परिणाम जारी करता है और वर्षों से नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी करने में विफल रहा है, जिससे अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

शशांक राज ने झारखंड में सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने की भी मांग की। उनका कहना था कि बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में आयु सीमा अधिक है, जबकि झारखंड के कई अभ्यर्थी कम आयु सीमा के कारण अवसरों से वंचित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजयुमो का आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि कथित भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि आयोग को पारदर्शी और जवाबदेह नहीं बनाया गया तो युवाओं का आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रेस वार्ता में भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल चौधरी, प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रिंस कुमार और प्रदेश प्रवक्ता बबन बैठा भी मौजूद रहे।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now