मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य सहकारी विकास समिति की चौथी बैठक, सहकारिता तंत्र को मजबूत करने पर जोर

रांची : झारखंड में सहकारिता क्षेत्र को अधिक सशक्त, आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण पहल करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य सहकारी विकास समिति (State Cooperative Development Committee) की चौथी बैठक आयोजित की गई, जिसमें सहकारिता क्षेत्र से जुड़े 15 अहम एजेंडों पर विस्तृत चर्चा की गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में केंद्र प्रायोजित योजना के तहत पैक्स (PACS) के कम्प्यूटरीकरण, विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण योजना के पायलट प्रोजेक्ट के लिए जिलों एवं MPCS के चयन तथा प्रत्येक जिले एवं अंचल में प्रतिमाह कम-से-कम दो पंचायत अथवा ग्राम स्तरीय दुग्ध एवं मत्स्य उत्पादक सहयोग समितियों के गठन पर विचार किया गया।
इसके साथ ही PACS और MPCS को जन सुविधा केंद्र (CSC) एवं प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में विकसित करने, दुग्ध एवं मत्स्यपालन सहयोग समितियों की त्रिस्तरीय संरचना स्थापित करने तथा कम्प्यूटरीकृत 240 MPCS में डिपॉजिट मोबिलाइजेशन स्कीम शुरू करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।

बैठक में निबंधक, सहयोग समितियां कार्यालयों के कम्प्यूटरीकरण और प्रस्तावित झारखंड राज्य सहकारिता नीति की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सभी एजेंडों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेने के बाद मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से कार्यों के क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
बैठक में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, वित्त विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता मामले विभाग, झारखंड राज्य सहकारी बैंक, धनबाद केंद्रीय सहकारी बैंक, नाबार्ड सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।















