गिरिडीह : उसरी नदी को लेकर बढ़ा जनआक्रोश, पूर्वांचल में मानव श्रृंखला बनाकर लोगों ने जताया विरोध
गिरिडीह: उसरी नदी से पानी लेने की प्रस्तावित पाइपलाइन और बालमुकुंद स्पंज आयरन फैक्ट्री से कथित प्रदूषण के विरोध में पूर्वांचल क्षेत्र में लोगों का विरोध लगातार मुखर होता जा रहा है। रविवार को इस आंदोलन ने उस समय बड़ा स्वरूप ले लिया, जब सैकड़ों लोगों ने एकजुट होकर विशाल मानव श्रृंखला बनाई और नदी व पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
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यह मानव श्रृंखला गंगापुर स्थित उसरी फॉल मोड़ से शुरू होकर डांडीडीह, वनांचल कॉलेज, हरसिंगरायडीह समेत कई इलाकों तक फैली रही। सड़क किनारे कतारबद्ध होकर लोगों ने हाथों में हाथ डालकर यह संदेश दिया कि प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर स्थानीय जनता किसी भी तरह की अनदेखी स्वीकार नहीं करेगी।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों का कहना है कि उसरी नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि आसपास के हजारों परिवारों की जरूरतों का प्रमुख स्रोत है। उनका आरोप है कि यदि फैक्ट्री के लिए नदी से बड़े पैमाने पर पानी लिया गया और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हुआ तो इसका असर पेयजल, खेती, भूजल स्तर और क्षेत्र के पर्यावरण पर पड़ सकता है।
इसी आशंका को लेकर पिछले कई दिनों से गांव-गांव और मोहल्लों में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को नदी संरक्षण और पर्यावरण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और अन्य नागरिक मानव श्रृंखला में शामिल हुए।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य विकास का विरोध करना नहीं, बल्कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना है। उन्होंने मांग की कि नदी से पानी लेने और फैक्ट्री संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की पारदर्शी जांच हो तथा स्थानीय लोगों की आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से सुना जाए।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी चिंताओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल उसरी नदी संरक्षण को लेकर पूर्वांचल क्षेत्र में जनसमर्थन लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।

















