https://drishtinow.com/dhanbad-landslide-wreaks-havoc-chhatabad-landslide/

धनबाद में भू-धंसान का कहर: छाताबाद में फिर धंसी जमीन, एक दर्जन घर और सामुदायिक भवन प्रभावित

Share
Link copied

https://drishtinow.com/dhanbad-landslide-wreaks-havoc-chhatabad-landslide/धनबाद। कोयलांचल में भू-धंसान का खतरा एक बार फिर सामने आया है। कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद के खूशबू मोहल्ले में बुधवार शाम करीब 3:30 बजे तेज आवाज के साथ जमीन धंस गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। करीब एक दर्जन घर, सामुदायिक भवन और पीसीसी सड़क इसकी चपेट में आ गए। कई स्थानों पर जमीन नीचे धंसने और मकानों में बड़ी दरारें पड़ने की सूचना है।

https://drishtinow.com/dhanbad-landslide-wreaks-havoc-chhatabad-landslide/

घटना के बाद लोग अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। रिपोर्ट के मुताबिक, भू-धंसान की चपेट में आने से दो महिलाएं भी घायल हुई हैं। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भय का माहौल है।

Advertisment
Advertisment

जिस सामुदायिक भवन में लोगों ने ली थी शरण, वही प्रभावित

छाताबाद में इससे पहले भी भू-धंसान की घटनाएं हो चुकी हैं। 7 जुलाई और 7 अगस्त की घटनाओं के बाद प्रभावित परिवारों ने घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर स्थित सामुदायिक भवन में शरण ली थी। ताजा घटना में वही सामुदायिक भवन भी प्रभावित हो गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई सप्ताह से इलाके में भू-धंसान का खतरा बना हुआ है और प्रभावित परिवार स्थायी पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। 12 सितंबर को भी छाताबाद के काजू बागान क्षेत्र में गोफ बनने और तालाब का पानी जमीन में समाने की घटना सामने आई थी।

Advertisment
Advertisment

घटना से पहले BCCL ने लगाया था नोटिस

जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले BCCL प्रबंधन ने इलाके में नोटिस चस्पा कर लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रबंधन पर समय रहते पुनर्वास नहीं कराने का आरोप लगाया। वहीं BCCL के गोविंदपुर क्षेत्र के जीएम सत्यकाम आनंद के अनुसार, इलाके को असुरक्षित घोषित किया गया है और लोगों को जल्द सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जा रही है।

प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। बाघमारा सीओ गिरजानंद किस्कू और कतरास थाना प्रभारी ने घटनास्थल का जायजा लिया। प्रभावित क्षेत्र को घेरकर लोगों को वहां जाने से रोका गया है।

RKDF
advertisement

धनबाद में कितना बड़ा है भू-धंसान का खतरा?

भू-धंसान की समस्या सिर्फ छाताबाद तक सीमित नहीं है। 15 सितंबर की एक रिपोर्ट के अनुसार धनबाद कोयलांचल में 100 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र को संवेदनशील माना जा रहा है और करीब 2.3 से 2.75 लाख लोगों के प्रभावित होने का अनुमान सामने आया है। हालांकि ये क्षेत्रवार अनुमान हैं और इन्हें सरकारी रूप से चिह्नित प्रभावित क्षेत्र का अंतिम आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।

उपलब्ध क्षेत्रवार अनुमानों के अनुसार धनबाद शहर से सटे इलाके में करीब 10 वर्ग किमी, झरिया में 25 वर्ग किमी, कतरास में 40 वर्ग किमी और निरसा में करीब 40 वर्ग किमी क्षेत्र को संवेदनशील बताया गया है।

सवाल सिर्फ भू-धंसान का नहीं, पुनर्वास का भी

छाताबाद की घटनाएं एक बड़ा सवाल खड़ा करती हैं—जब किसी इलाके को असुरक्षित घोषित कर दिया जाता है, तो वहां रहने वाले परिवारों के लिए सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था कब होगी?

BCCL की ओर से कतरास के सात खतरनाक इलाकों में लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने की चेतावनी भी दी गई है।  ऐसे में स्थानीय लोगों की मुख्य मांग अब सिर्फ तत्काल राहत नहीं, बल्कि सुरक्षित पुनर्वास, मुआवजा और भू-धंसान प्रभावित इलाकों का वैज्ञानिक सर्वे है।

ABOUT THE AUTHOR
गोविंद मोदक

गोविंद मोदक

रिपोर्टर

पत्रकार | न्यूज़ रिपोर्टर | मीडिया प्रोफेशनल गोविंद मोदक धनबाद, झारखंड के पत्रकार हैं और उन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने अपराध, राजनीति, सामाजिक एवं नागरिक मुद्दों, जनसरोकार और जमीनी स्थानीय खबरों पर रिपोर्टिंग की है। उन्होंने Newz India 24, TV45 Satellite Channel, DHN24, Vande Bharat News, Chanakya News India Jharkhand और Bharatmitra News जैसे मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ कार्य किया है। उनकी पत्रकारिता तथ्यपरक, जिम्मेदार और जमीनी रिपोर्टिंग पर केंद्रित है, जिसमें आम लोगों के मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाना शामिल है। मुख्य विशेषज्ञता: अपराध एवं राजनीतिक रिपोर्टिंग • जमीनी पत्रकारिता • सामाजिक एवं नागरिक मुद्दे • जनसरोकार • प्रभावी संवाद एवं नेटवर्किंग